1. एक तो शास्त्री जी कुल 18 महीनों के बाद कमेंट्री करते दिखे. वो भी अपने बंगाल टाइगर सौरव गांगुली के साथ. ये जग जाहिर है कि शास्त्री और दादा की आपस में बनती नहीं है.
2. शास्त्री मैच के बाद दांत फाड़ रहे थे. मतलब हंस रहे थे. बतौर कोच अनिल कुंबले की ये पहली सीरिज का पहला मैच था, जो इंडिया 1 रन से हार गया.
3. धोनी के आउट होने के तुरंत बाद ही शास्त्री जी माइक ले कर पहुंच गए ड्वेन ब्रावो का इंटरव्यू करने. वो ब्रावो ही था, जिसने धोनी को आउट किया था.
बस ट्वीटर पर इन्ही तीन केसों पर जिरह कर दी सोशल मीडियाइयों ने. कुछ बोले- कुंबले के कोच बनने से चिढ़े हुए हैं शास्त्री. और भी बहुत कुछ बोसा है. खुद ही देख लीजिए लोगों ने किस तरह और क्या कहा रवि शास्त्री को... 1.
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अब इन सवालों का जवाब दो. 1. ठीक है 18 महीने बाद दिखे शास्त्री जी कमेंट्री करते. वो भी दादा के साथ. ऑफिस में तुम्हारी लड़ाई हो गई हो साथ वाले से. और बॉस ने उसी के साथ प्रोजेक्ट पर काम करने कह दिया. जॉब छोड़ोगे या फिर दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे की तरह मिम-मियाते हुए बॉस को बोलेगो, 'सर मेरा फलाने के साथ झगड़ा है मैं उसके साथ काम नहीं करूंगा?' 2. मैच के बाद हंस रहे थे रवि शास्त्री. तो क्या मातम मनाते. या फिर देवदास बन जाते. इंडिया भले ही मैच हार गई लेकिन उसने करोड़ों फैन्स का दिल जीत लिया. हंसने से खून बढ़ता है, क्या गलत किए रवि. 3. धोनी के आउट होते ही ब्रावो का इंटरव्यू शास्त्री ने लिया. तो क्या धोनी से रवि शास्त्री को पूछना चाहिए था, आप आउट हो गए, कैसा लग रहा है आपको? सब जानते हैं धोनी एक अच्छे फीनिशर हैं. उनको आउट करना वाकई में एक अचीवमेंट जैसा है. इस नाते अगर उन्होंने ब्रावो से बात कर ली तो क्या बुरा किया.









