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JNU हिंसा पर गौतम गंभीर, इरफान पठान और विजेंदर सिंह ने क्या कहा?

उधर योगेश्वर दत्त ने JNU पर अलग ही बात बोल डाली.

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गौतम गंभीर और इरफान पठान का कोलाज. फोटो: Facebook
5 जनवरी को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU में हिंसा की खबर है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में 34 छात्र-छात्राएं घायल हुए. इन सभी को 06 जनवरी को एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया है. इस मामले में जेएनयू छात्रसंघ ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर हिंसा को अंजाम देने का आरोप लगाया है. वहीं दूसरी तरफ ABVP ने हिंसा के लिए लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है. हिंसा से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए. जिसमें कुछ गुंडों की भीड़ चेहरे पर मास्क लगाकर कैंपस में छात्रों के साथ मारपीट और हिंसा को अंजाम देती दिखी. इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर रिएक्शन्स आ रहे हैं. इस पूरे मामले में भारतीय खेलों से जुड़े कई सेलिब्रिटीज़ ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं. जेएनयू के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने वालों में गौतम गंभीर, विजेंदर सिंह, इरफान पठान, योगेश्वर दत्त जैसे खिलाड़ी शामिल रहे. आइये जानते हैं कि किसने क्या कहा. बीजेपी सांसद और भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज़ गौतम गंभीर ने इस हमले को पूरी तरह से गलत बताया. गंभीर ने कहा,
''यूनिवर्सिटी कैम्पस में इस तरह का हमला देश के चरित्र से अलग है. ये सब मायने नहीं रखता कि किस की क्या विचारधारा है, लेकिन छात्रों पर इस तरह से हमला नहीं किया जा सकता. जो गुंडे कैम्पस के अंदर घुसे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.''
गंभीर के अलावा भारतीय टीम के पूर्व ऑल-राउंडर इरफान पठान ने भी इस घटना की निंदा की. उन्होंने भी ट्वीट किया और लिखा.
''जेएनयू कैम्पस में छात्रों पर हुआ हमला साधारण घटना नहीं है. छात्रों को हथियारों से लैस गुंडों ने कैम्पस में, होस्टल में बुरी तरह से मारा. इस तरह की घटनाएं देश की छवि के लिए अच्छी नहीं है.''
पठान के अलावा प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह का ट्वीट भी आया है. विजेंदर ने इस मामले में लिखा,
''ऐसे वक्त में हम जेएनयू के छात्रों और टीचर्स के साथ खड़े हैं. ये बेहद परेशान करने वाली घटना है. हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं.''
उनके अलावा पहलान योगेश्वर दत्त का भी ट्वीट आया है. हालांकि उन्होंने विश्वविद्यालय पर भी सवाल उठाए हैं. योगेश्वर ने लिखा,
''JNU में हुई हिंसात्मक घटना अत्यंत दुखद है. यह विश्वविद्यालय आतंकवाद का अड्डा बनते जा रहा है. जो कि विश्वविद्यालय की परंपरा और संस्कृति के पूरी तरह से खिलाफ है. सरकार को इस पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए.''
इस हिंसा के विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. रविवार देर रात जेएनयू कैंपस के बाहर छात्रों के गुटों ने विरोध प्रदर्शन किया था. जबकि सोमवार को देशभर में कई यूनिवर्सिटीज़ में भी विरोध प्रदर्शन किया गया. हमले के विरोध में सोमवार को जेएनयू के अंदर भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए. यूनिवर्सिटीज़ के छात्रों और टीचरों ने एक ह्यूमन चेन बनाई और अपना विरोध दर्ज करवाया. इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने महिला छात्रों पर हुए हमले को लेकर जेएनयू के रजिस्ट्रार को समन भी भेजा है.
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