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फॉरेंसिक रिपोर्ट बनाने वाले कर रहे हैं घपला, पैसे लेकर रेप-मर्डर के सबूत मिटा देते हैं

स्टिंग ऑपरेशन में पर्दाफाश हुआ है.

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रिश्वत लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट में हेरा-फेरी! (फोटो- इंडिया टुडे)

फॉरेंसिक वाले डॉक्टरों (Forensic Doctors) के पास न्यूज़ रिपोर्टर पहचान बदल कर पहुंचे थे. रिपोर्ट बदलने की डिमांड की और वो झट से मान भी गए. DNA बदलने से लेकर बॉडी में जहर छिपाने और शराब के ट्रेस मिटाने तक, हर काम के अलग-अलग रेट. क्राइम की जांच के लिए बने इन लैब्स में ही क्राइम हो रहा है. किसी भी केस में फॉरेंसिक रिपोर्ट को कोर्ट में अहम सबूत के तौर पर पेश किया जाता है. जब फॉरेंसिक रिपोर्ट में ही फेर-बदल हो जाए, तो फिर क्या जांच और कहां का इंसाफ?

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इंडिया टुडे के रिपोर्टर पहले वाराणसी में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी गए. जिसके प्रमुख डिप्टी डायरेक्टर सुरेश चंद्रा हैं. अंडरकवर ऑपरेशन में शामिल रिपोर्टर ने खुद को एक काल्पनिक हत्या के संदिग्ध का एजेंट बताकर उनसे दो बार मुलाकात की. बताया कि जहर देने का मामला है. इस दौरान सुरेश चंद्रा ने फोरेंसिक रिपोर्ट से जहर हटाने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की. कहा,

मामले को देखने का समय चाहिए. मैं कल इस पर जांच करूंगा. इसके लिए फिलहाल 10 हजार रुपये दे दो. पैसे मिलने पर प्रोसेस शुरू होगा.

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अगले दिन वाराणसी के एक लग्जरी होटल में फिर से सुरेश चंद्रा से मुलाकात हुई. वो बोले,

मामले में ज़हर देने के कई लक्षण नज़र आ रहे हैं. नाखून और होंठ नीले हैं. लेकिन हम अपनी नौकरी दांव पर लगा देंगे. इसके लिए हमें दो तीन लोगों की एक टीम बनानी होगी. 10 लाख रुपये खर्च होंगे. ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में भी वैलिड होगी. एक हफ्ते का समय लगेगा.

जांच आगे बढ़ी तो चंद्रा ने लखनऊ में FSL मुख्यालय में एक रेप केस में DNA रिपोर्ट में हेरफेर करने में मदद करने की पेशकश की. कीमत 10 लाख रुपये ही बताई. बोले,

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काम हो जाएगा. मामले में जल्द से जल्द पैसे दे दो ताकि परिवार वाले किसी और के संपर्क में न आएं.

इंडिया टुडे की टीम आगरा भी पहुंची. शहर में FSL के बायोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी से मुलाकात की. बताया कि दहेज को लेकर जहर देने का मामला है और फॉरेंसिक रिपोर्ट में हेरा-फेरी करनी है. संजीव द्विवेदी ने दो लाख 30 हजार रुपये मांगे और बदलाव करने को तैयार हो गए. एडवांस में 1 लाख 80 हजार की मांग की और बाकी के 50 हजार बाद में.

हरियाणा के गुरुग्राम में भी FSL के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, मधुप सिंह, बीमा दावों को सुरक्षित करने में मदद करने के लिए सैंपल से शराब के सबूत मिटाने को तैयार हो गए. इस काम के लिए 2 लाख रुपये मांगे.

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