बिहार (Bihar) के समस्तीपुर (Samastipur) जिले से एक ही परिवार के 5 सद्स्यों की आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है. घटना है विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के मऊ धनेशपुर दक्षिण गांव की. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार, 5 जून को घर में एक ही परिवार के पांच लोगों के शव फंदे से लटके मिले. बताया जा रहा है कि परिवार ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या की है. सुसाइड करने वालों में 42 साल के मनोज झा, 38 साल की सुंदर मणि, 65 साल की सीता देवी, 10 साल के सत्यम और 7 साल के शिवम शामिल हैं.
बिहार : 3 लाख का कर्ज था, 7 व 10 साल के बच्चे साथ परिवार के 5 लोगों ने फांसी लगा ली
बिहार के समस्तीपुर का मामला, बगल के कमरे में सोये बेटी-दामाद को पता भी नहीं चला


आजतक के रिपोर्टर जहांगीर आलम के मुताबिक, मनोज अपनी पत्नी सुंदर मणि, मां सीता देवी और बच्चों सत्यम और शिवम के साथ इस घर में रहते थे. मनोज की दो बेटियां भी हैं. उनकी एक बेटी निभा पति के साथ मायके आई हुई थी. निभा ने बताया-
मैं और मेरे पति दूसरे कमरे में सोए थे. जब सुबह उठे तो देखा कि बगल वाला कमरा खुला है और घर के पांच लोगों के शव फंदे से लटके हुए हैं.
शव देखते ही निभा ने चीखना शुरू कर दिया. ये सुनकर आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पांचों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया.
सामूहिक खुदकुशी की क्या वजह ?शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक परिवार लगभग 3 लाख रुपए के कर्ज में डूबा था, जिसे लेकर वे लोग काफी परेशान थे. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज की किश्त नहीं चुका पा रहा था और साहूकार लगातार परिवार पर पैसा लौटाने का दबाव बना रहे थे. माना जा रहा है कि इससे तंग आकर पूरे परिवार ने एक साथ खुदकुशी कर ली.
हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह का पता चल पाएगा.
इंडिया टुडे के रिपोर्टर रोहित कुमार सिंह के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा-
समस्तीपुर पुलिस का क्या कहना है?समस्तीपुर में एक गरीब परिवार के सभी 5 सदस्यों ने गरीबी, भुखमरी, आर्थिक तंगी, महंगाई, बेरोजगारी और बदहाली से त्रस्त होकर सामूहिक आत्महत्या कर ली. यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत दर्दनाक, ह्रदय विदारक, दुखद और कथित डबल इंजन सरकार के बड़बोले पन पर करारा तमाचा और काला धब्बा है”
समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने बताया है कि उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है. उन्होंने ये भी कहा है कि शुरुआती जांच में कर्ज की बात सामने आई थी. अपनी बेटी की शादी के लिए भी मनोज ने कर्ज ले रखा था. परिवार पर कर्ज का दबाव था, जिसे लेकर ये लोग परेशान थे.
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