पुलिस लाइन की मेस में बने खाने की शिकायत करने वाले कॉन्सटेबल मनोज कुमार (Constable Manoj Kumar) को फिरोजाबाद पुलिस (Firozabad Police) ने अनुशासनहीन और लापरवाह बताया है. पुलिस ने कहा कि इसके लिए मनोज कुमार को समय-समय पर सजा भी दी गई है. साथ ही साथ पुलिस की तरफ से खाने की गुणवत्ता की जांच करने की बात कही गई है. एक ट्वीट में पुलिस की तरफ से कहा गया,
खाने की थाली दिखाकर रोने वाले सिपाही पर पुलिस ने बताया- 'आदतन अनुशासनहीन है'
फिरोजाबाद पुलिस ने कहा कि कॉन्सटेबल के ऊपर 15 बार कार्रवाई की जा चुकी है.


"मेस के खाने की गुणवत्ता से संबंधित शिकायती ट्वीट मामले में खाने की गुणवत्ता संबंधी जांच सीओ सिटी कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि उक्त शिकायतकर्ता आरक्षी को आदतन अनुशासनहीन, गैरहाजिरी और लापरवाही से संबंधित 15 दंड बीते सालों में दिए गए हैं."
ट्वीट के मुताबिक फिरोजाबाद पुलिस ने कॉन्सेटबल मनोजकुमार को आदतन अनुशासनहीन बताया है. पुलिस के मुताबिक मनोज कुमार गैरहाजिर रहा और लापरवाह भी और इसके लिए उसके ऊपर कई बार कार्रवाई की जा चुकी है.
इससे पहले कॉन्सटेबल मनोज कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि पुलिस लाइन की मेस में बहुत घटिया स्तर का खाना बनता है. उसने बताया था कि दाल में सिर्फ पानी होता है और रोटियां कच्ची होती हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद मीडिया ने मनोज कुमार से बात की थी. इंडिया टुडे से जुड़े सुधीर शर्म की रिपोर्ट के मुताबिक मनोज ने बताया था,
"कप्तान साहब आए तो मैंने कहा कि आप इसमें से चार रोटियां खा लीजिए. कम से कम ये पता चले कि आपके सिपाही 12 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं और वो ये खाना खा रहे हैं. इन रोटियों को आप कुत्तों को डाल दीजिए. क्या आपके बेटे ये रोटी खा सकते हैं?"
कॉन्सटेबल ने आरोप लगाया था कि उसे धमकी दी जा रहा है कि अगर वो ये थाली जनता के बीच लेकर गया तो उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा. मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि डीजीपी के पीएसओ ने उसे सस्पेंड करने की धमकी दी थी. मनोज कुमार ने कहा था कि आए दिन सिपाही आत्महत्या कर रहे हैं. किसी को अपने पेट की बात कहने तक का अधिकार नहीं है.
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