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यूपी : सरकारी मकान और शौचालय के लिए आदमी ने 23 बच्चों को बंधक बनाया, पुलिस कार्रवाई में मौत

बड्डे पार्टी में बुलाया और बंधक बना लिया.

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यूपी पुलिस के ATS (बाएं) ने ८ घंटे की मशक्कत के बाद सुभाष बाथम (दाहिने) को मार गिराया. सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया.
यूपी का फर्रुखाबाद जिला. यहां पर 30 जनवरी, गुरुवार को एक शख्स ने 23 बच्चों को एक मकान में बंधक बना लिया. 8 घंटे तक यूपी पुलिस के ATS और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की कार्रवाई के बाद सभी 23 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया. बच्चों को बंधक बनाने वाला सुभाष बाथम इस कार्रवाई में मारा गया. पूरा मामला
फर्रुखाबाद का करथिया गांव. यहां के निवासी सुभाष बाथम ने गांव के बच्चों को अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने के नाम पर घर बुलाया. दोपहर के ढाई बजे थे. जब बच्चों ने अपने घर जाने की ज़िद की, तो सुभाष ने घर के दरवाज़े बंद कर दिए. सुभाष के साथ उसकी पत्नी भी मौजूद थी. बच्चों को बंधक बनाने के बाद सुभाष घर की छत पर आया. सभी को बता दिया कि बच्चे उसके कब्ज़े में हैं.
इसके बाद गांववालों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस जमा होने लगी. पुलिस और गांववाले सुभाष को समझाने की कोशिश करते रहे. शाम पांच बजे सुभाष ने घर के बाहर खड़े लोगों पर फायरिंग कर दी. एक पुलिसकर्मी और एक गांववाले को गोली लग गई.
इसके बाद फर्रुखाबाद के एसपी और जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. दूसरी तरफ आरोपी लगातार बच्चों को बम से उड़ाने की धमकी देता रहा. खबरें बताती हैं कि सुभाष ने पुलिस पर देसी हथगोले भी फेंके, जिसकी वजह से दो और पुलिसकर्मी घायल हो गए.
सुभाष बाथम के घर के बाहर जुटी पुलिस की टीम. फोटो : ANI

 
अब तक ये किसी की समझ में नहीं आया था कि सुभाष असल में चाहता क्या है. उसने अपनी मांगें सामने नहीं रखी थीं. मामला लखनऊ पहुंचा. डीजीपी ओपी सिंह ने संज्ञान लिया. डीजीपी ने आतंकरोधी दस्ते, यानी ATS को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया. नई दिल्ली में NSG से भी संपर्क साधा गया.
इधर 7 घंटे बीत चुके थे. सुरक्षाकर्मी लगातार बात करने की कोशिश कर रहे थे. मकान में कोई फौरी और त्वरित कार्रवाई नहीं की जा सकती थी. बच्चों की जान को ख़तरा था. इसी समय सुभाष ने एक बंधक को रिहा किया. बंधक 6 महीने की बच्ची. पुलिस ने जानकारी दी कि सुभाष ने मकान की बालकनी में से पड़ोसियों को बच्चा सौंपा.
घर के अन्दर का मामला
इस समय तक घर के अन्दर के माहौल का जायजा लिया जा रहा था. ATS ने ड्रोन कैमरों की सहायता से घर के अंदर की तस्वीर ली. आजतक में प्रकाशित खबर बताती है कि अपराधी के पास भारी मात्रा में बम बनाने का सामान और हथियार मौजूद थे.
फिर पता चली सुभाष की मांग
रात 11 बजे. सुभाष ने 2 साल के बच्चे को रिहा किया. बच्चे को सुभाष की पत्नी बाहर लेकर आई. बच्चे के हाथ में लेटर था. टाइपराइटर से बाक़ायदा टाइप किया लेटर. जिलाधिकारी को संबोधित. लेटर में सुभाष ने लिखा कि सरकारी योजना के तहत उसे शौचालय और मकान देने से इनकार कर दिया गया.
सुभाष बाथम ने ये लेटर लिखा. ज़ाहिर किया कि सरकारी सुविधाओं के लिए उसने बच्चों को बंधक बनाया. फोटो : ANI

सुभाष ने कहा कि वो मजदूर है. मां की तबीयत खराब है, लेकिन उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. ये भी बताया कि उसने अधिकारियों से कहा कि उसके मकान में शौचालय का निर्माण करा दिया जाए, लेकिन इन मांगों को अनसुना कर दिया गया.
फिर हुई सुभाष और उसकी पत्नी की मौत
बहुत देर तक सुभाष बाथम का रचा गया ड्रामा चलता रहा. रात 1 बजे सब कुछ निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका था. गांववालों ने इस समय सुभाष के मकान पर पथराव शुरू किया. पुलिस मुस्तैद थी. सुभाष को बातचीत में उलझाए रखा गया. एक टीम गेट पर तैयार खड़ी थी. रात सवा बजे गांववालों ने सुभाष के घर पर धावा बोल दिया. पुलिस भी घर में घुस गयी. पुलिस ने सुभाष पर गोलियां चला दीं. सुभाष की मौत हो गई.
घटना के बाद सुभाष की पत्नी रूबी घर से बाहर आई. गांव की महिलाओं ने रूबी की भी पिटाई शुरू कर दी. पुलिस ने हस्तक्षेप करके रूबी को बचाया. गंभीर रूप से घायल रूबी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजा गया. रूबी ने दम तोड़ दिया. स्थानीय प्रशासन ने सुभाष की बेटी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है. पुलिस का कहना है सुभाष बाथम पर पहले भी मर्डर का चार्ज लग चुका है. ये भी बताया कि सुभाष मानसिक रूप से बीमार है. वहीं योगी सरकार ने पुलिस की टीम को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है. प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने जानकारी दी है कि इस ऑपरेशन में जिन भी लोगों ने हिस्सा लिया है, उन्हें इनाम और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे.


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