महीनों से चल रहे किसान आंदोलन की वजह से बाधित दिल्ली बॉर्डर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है. टिकैत ने अब दिल्ली में ट्रैक्टर ले जाने की बात कही है.(फोटो- ANI/आजतक)
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान तकरीबन 11 महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर जमे हुए हैं. इसकी वजह से लोगों को आने-जाने की खासी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. अब उम्मीद जगी है कि कम से कम टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) और गाजीपुर बॉर्डर (Gazipur Border) से आने-जाने का रास्ता साफ हो सकेगा. पुलिस ने यहां से बैरिकेडिंग हटानी शुरू कर दी हैं. इससे इन दोनों ही बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता खोला जा सकेगा.
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद निकला रास्ता टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर के खुलने का रास्ता सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद खुला है. असल में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान ये बात सामने आई थी कि रास्ता बंद होने की वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है. किसान आंदोलन के चलते बंद सड़कों को खुलवाने के लिए दायर याचिका पर 21 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि विरोध-प्रदर्शन किसानों का अधिकार है, लेकिन सड़कों को हमेशा के लिए अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है. इस संबंध में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. इस पर किसान संगठनों के वकील दुष्यंत दवे ने कहा था कि सड़क को तो पुलिस ने बंद किया है. इसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने भी पत्रकारों से बात करते हुए गाजीपुर बॉर्डर से रास्ता खाली करने की बात कही थी. उनका कहना था कि रास्ता किसानों नहीं बल्कि पुलिस ने बंद कर रखा है. सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होनी है. इसमें दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट में बताना होगा कि रास्ता खोलने को लेकर उन्होंने क्या प्रयास किए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार रात को टिकरी बॉर्डर पर सीमेंट से बनाए गए बैरिकेड हटा दिए. सड़क के बीच में लगाई गई लोहे की कीलें भी हटा दी गयीं. इसके अलावा गाजीपुर बॉर्डर से भी अवरोध हटा दिए गए हैं. मौके पर मौजूद पुलिसवाले ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि,
"बैरिकेड हटा दिए गए हैं, रूट को खोला जा रहा है. हमें ऐसा करने के आदेश मिले हैं."
मौके पर मौजूद डीसीपी ईस्ट दिल्ली प्रियंका कश्यप ने कहा कि,
"ये सेक्टर 2 और 3 है. ये नेशनल हाईवे 9 है और हम इसे खोल रहे हैं. नेशनल हाईवे 24 को भी खोला जाएगा."
गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि,
"प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान कहीं भी अपनी फसलें बेच सकता है. अगर सड़क खुली तो हम भी पार्लियामेंट जाकर अपनी फसल बेचेंगे. पहले हमारे ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे. हमने रास्ता नहीं रोका था. सड़क को रोकना हमारे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है."
पुलिस बोली, सहयोग करें किसान
एबीपी न्यूज ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना के हवाले से लिखा है कि रास्ता खोलने के लिए पुलिस तैयार है, लेकिन किसान इस बात का वादा करें कि किसी प्रकार की कोई अराजकता नहीं होगी. इधर दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर दीपेंद्र पाठक भी गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि,
"हमने जो अवरोध लगाए थे उन्होंने हम हटा रहे हैं. हम किसानों से प्रार्थना करेंगे कि लोगों के लिए हाईवे खोल दिया जाए. हमें उम्मीद है कि हमारे इस कदम में किसान भी सहयोग करेंगे."
किसान और पुलिस की फुर्ती से इतना तो साफ है कि जल्दी ही लोगों की महीनों पुरानी दिक्कत से निजात मिलेगी. अब देखने वाली बात ये होगी कि अगर किसान दिल्ली के भीतर ट्रैक्टर ले जाने की कोशिश करते हैं तो पुलिस उनसे कैसे निपटेगी.