पूर्व CAG प्रमुख विनोद राय (दाएं) ने 2014 में कही एक बात के लिए संजय निरुपम (बाएं) से कोर्ट में माफी मांगी है.
विनोद राय. CAG यानी नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के नेता संजय निरुपम से बिना शर्त माफी मांगी है. संजय निरुपम ने पूर्व CAG विनोद राय के खिलाफ 2014 में मानहानि का केस किया था. उनके मुताबिक, विनोद राय ने कहा था कि निरूपम उन सांसदों में शामिल थे, जिन्होंने 2G रिपोर्ट से मनमोहन सिंह का नाम हटाने के लिए दबाव डाला था. निरुपम के वकील ने विनोद राय को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर लिखित में 'बिना शर्त माफी मांगने' के लिए कहा. लेकिन विनोद राय ने माफी नहीं मांगी. इसके बाद निरुपम कोर्ट चले गए. अब जाकर विनोद राय ने कोर्ट में निरुपम से माफी मांगी है.
कोर्ट में विनोद राय ने क्या कहा?
पूर्व CAG विनोद राय ने कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि अपनी बुक रिलीज के मौके पर मैंने 11.09.2014 को टाइम्स नाउ के अर्णव गोस्वामी को दिए इंटरव्यू में संजय निरुपम के खिलाफ बयान दिया था. यह 12.09.2014 को टाइम्स ऑफ इंडिया और द इंडियन एक्सप्रेस में छपा. बाद में मैंने सागारिका घोष को इंटरव्यू दिया जो 13.09.2014 को टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य अखबारों में भी छपा. विनोद राय ने आगे कहा कि
मैंने महसूस किया है कि इंटरव्यू करने वालों की ओर से मुझसे जो सवाल पूछे गए थे, उनके जवाब में मैंने अनजाने में और गलत तरीके से संजय निरुपम का एक जिक्र किया था. जिक्र ये कि वह उन सांसदों में शामिल थे, जिन्होंने मुझ पर तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह का नाम 2G स्कैम से नाम हटाने के लिए दबाव डाला था.
विनोद राय ने कहा कि संजय निरुपम के खिलाफ मैंने जो बयान दिया था, जिसे टेलीविजन चैनलों ने चलाया, अखबारों ने पब्लिश किया, वह फैक्चुअली इनकरेक्ट था. मेरे बयान से संजय निरुपम, उनके परिवार और उनके चाहने वालों को जो दर्द और पीड़ा हुई, मैं समझ सकता हूं. उन्होंने कहा,
मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं. मुझे उम्मीद है कि संजय निरुपम मेरे माफीनामे को स्वीकार करेंगे और इस चैप्टर को यहीं क्लोज कर देंगे.
संजय निरुपम क्या बोले?
इस माफीनामे पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निरुपम ने एक वीडियो में कहा,
हिन्दुस्तान के भूतपूर्व CAG विनोद राय ने मुझसे अदालत में बिना शर्त माफी मांगी है. 2015 में उन्होंने अपने रिटायरमेंट के बाद किताब लिखी थी. उस किताब के प्रचार के दौरान उन्होंने ये आरोप लगाया था मुझ पर कि जब वह कोल ब्लॉक आवंटन मामले की छानबीन कर रहे थे, ऑडिट कर रहे थे, तब मैंने उनके पास जाकर गुजारिश की थी कि इस पूरे रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम मत आने दीजिएगा. ये सरासर झूठ था. गलत बात थी. मैंने तभी विनोद राय से कहा था कि आपने गलत बात कही है, अपने बयान वापस लीजिए. लेकिन वो नहीं माने. मैंने पटियाला हाउस दिल्ली में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में उनके खिलाफ डिफेमेशन यानी मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया. इसकी लगातार सुनवाई होती रही. चर्चा होती रही. आज अदालत में उन्होंने बिना शर्त माफीनामा पेश किया है. कोर्ट ने उनके माफीनामा को स्वीकार कर लिया है.
संजय निरुपम ने कहा कि मैं ये भी कहना चाहूंगा, भले ही कोर्ट ने ये बात नहीं कही लेकिन 2G स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला खदान आवंटन के बारे में जो (विनोद राय) ने जो रिपोर्ट बनाईं, वो सारी बकवास थीं. 2G मामले में तो 7 साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि CBI ने इस तथाकथित घोटाले का कोई सबूत ही नहीं दिया. रिपोर्ट ही फर्जी थी. कोल ब्लॉक एलोकेशन की रिपोर्ट भी फर्जी थी. उन फर्जी रिपोर्ट्स के लिए भी विनोद राय को माफी मांगनी चाहिए. अपने इस पाप के लिए मुझसे नहीं बल्कि पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.