अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein Files) से जुड़ी नई फाइलें जारी कर दी हैं. इनमें पता चला है कि यौन अपराधी एपस्टीन ने कई बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से मिलने की कोशिश की. इसके लिए उसने रूस के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ संपर्क बनाए.
पुतिन से मिलना चाहता था एपस्टीन, रूसी अधिकारियों से बनाए संपर्क, नई फाइलों में बड़ा खुलासा
अमेरिकी न्याय विभाग की नई फाइलों में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का नाम 1,000 से ज्यादा बार आया है. फाइल में पता चला है कि यौन अपराधी Jeffrey Epstein ने कई बार पुतिन से मिलने की कोशिश की. और क्या पता चला?


द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, न्याय विभाग की नई फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन ने कई सालों तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मीटिंग आयोजित करने की कोशिश की थी. कई हाई-प्रोफाइल रूसी हस्तियों की एपस्टीन के साथ ईमेल और खतों के जरिए सीधे बातचीत होती थी. इनमें रूस की फेडरेल सिक्योरिटी सर्विस का एक पास-आउट भी शामिल है.
इन फाइलों से यह भी पता चला कि एपस्टीन न्यूयॉर्क में विटाली चुरकिन से मिलता था. विटाली चुरकिन 2006 से 2017 तक संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि रहे. इसी दौरान एपस्टीन की उनसे मुलाकातें और बातचीत होती थीं. एपस्टीन ने चुरकिन के बेटे मैक्सिम को न्यूयॉर्क की एक वेल्थ मैनेजमेंट फर्म में नौकरी दिलाने की पेशकश भी की थी.
जून 2018 में, चुरकिन की अचानक मौत हो गई. इसके एक साल बाद, एपस्टीन ने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलने की कोशिश की. 24 जून, 2018 को नॉर्वे के पूर्व पीएम थोर्ब्योर्न यागलैंड को भेजे गए एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा,
मुझे लगता है कि आप पुतिन को सुझाव दे सकते हैं कि लावरोव मुझसे बात करके जानकारी ले सकते हैं. विटाली चुरकिन पहले मुझसे बात करते थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई.
ये भी पढ़ें: 'बिल गेट्स को रूसी लड़कियों से हुआ था गुप्त रोग, फिर ये दवाएं... ', एपस्टीन की नई फाइल्स से बड़ा खुलासा
एपस्टीन के ईमेल के जवाब में, यागलैंड ने लिखा कि वह अगले सोमवार को लावरोव के असिस्टेंट से मिलेंगे और यह सुझाव देंगे. एपस्टीन ने जवाब दिया,
चुरकिन बहुत बढ़िया थे. हमारी बातचीत के बाद उन्हें ट्रंप की बात समझ आ गई. यह कोई जटिल बात नहीं है. उन्हें कुछ समझ आ जाना चाहिए, बात इतनी ही सरल है.
रिपोर्ट के मुताबिक, जारी की गई एपस्टीन फाइलों में पुतिन का नाम 1,000 से ज्यादा बार आता है. 2013 में पूर्व इजरायली प्रधानमंत्री एहुद बराक को भेजे गए एक ईमेल में, एपस्टीन ने पुतिन का जिक्र करते हुए लिखा था कि अगर वह मिलना चाहते हैं तो उन्हें रियल टाइम और प्राइवेसी अलग रखनी होगी.
वीडियो: जेफरी एपस्टीन की मौत का पूरा सच क्या है?















_dalit_brutally_assaulted_(1).webp?width=120)





