छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) कलप्ना वर्मा को निलंबित कर दिया गया है. एक कारोबारी ने उन पर आरोप लगाए थे कि DSP वर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करके उन्हें ‘आर्थिक नुकसान’ पहुंचाया है.
DSP कल्पना वर्मा सस्पेंड क्यों हुईं?
एक कारोबारी दीपक टोंडन ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत में बताया था कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें लगभग '2 करोड़ रुपये का नुकसान' पहुंचाया.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 16 दिसंबर को कारोबारी दीपक टोंडन ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में उन्होंने बताया कि डीएसपी वर्मा पिछले पांच सालों से उन्हें, उनके पिता और भाई को जानती थीं. दीपक टंडन ने आरोप लगाया कि डीएसपी वर्मा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें लगभग '2 करोड़ रुपये का नुकसान' पहुंचाया.
इंडियन एक्सप्रेस ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि शिकायत के बाद महिला डीएसपी के खिलाफ जांच शुरू की गई. अधिकारी ने कहा कि एक सिविल सर्वेंट के रूप में उनका आचरण ठीक नहीं पाया गया. डीएसपी कल्पना वर्मा पर आरोप हैं कि उन्होंने वॉट्सऐप चैट और संवेदनशील जानकारी साझा की, जो कि नहीं किया जाना चाहिए था.
निलंबन आदेश में कहा गया है कि FIR में वित्तीय लेन-देन, जांच के दौरान दिए गए बयानों और वॉट्सऐप चैट में विरोधाभास, ड्यूटी के दौरान अवैध आर्थिक लाभ लेना, पद का दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति हासिल करने जैसे आरोप सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कल्पना वर्मा का यह काम छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है.
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर रहेगा. इस दौरान उन्हें नियमों के मुताबिक निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) दिया जाएगा.
इस मामले पर कल्पना वर्मा की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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