a b c d e f g h i j k l q r s t m n o p u v w x y z.
ये अंग्रेजी के 26 एल्फाबेट हैं. इसमें कुछ गलती है. पहली क्लास पास होंगे तो भी गलती पकड़ लिए होंगे. और नहीं पकड़ पाए हो तब तो रहिने ही देयो. खैर आप सोच रहे होंगे कि हम आपका अंग्रेजी का टेस्ट काहे ले रहे हैं. दरअसल हम आपका आईक्यू चेक कर रहे थे. जानना चाह रहे थे क्या इस गलती को पकड़ना इतना मुश्किल है. काहे से उत्तर प्रदेश के 21 विद्वान इस गलती को नहीं पकड़ पाए. फर्रुखाबाद के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में बच्चे यही पढ़ रहे हैं. उन्हें i j k l के बाद m n o p के बजाय q r s t पढ़ाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब 2,75,000 ऐसी किताबें छपी हैं. फर्रुखाबाद में करीब 20 हजार किताबें बांटी गई हैं.प्रदेश के 21 विद्वान नहीं पकड़ पाए, बच्चों ने पकड़ी गलती
किताब का नाम कलरव है और ये गलती कोई एक-आध किताब में नहीं हुई है. कक्षा एक के हजारों बच्चों को जो किताब दी गई हैं, उनमें यही गलती हुई है. हैरान करने वाली बात ये है कि जिस गलती को प्रदेश के 21 विद्वान नहीं पकड़ पाए, उसे कक्षा एक के दो बच्चों ने ही पकड़ा है. पकड़ तो 21 विद्वान भी सकते थे इस गलती को, मगर जब चेकिंग करने की बारी आई होगी तो शायद साहब लोग ब्रेड पकौड़ा खाने में बिजी रहे होंगे.

करीब 2.75 लाख किताबों में गड़बड़ी की बात सामने आई है.
ऐसा भी नहीं है कि गलती कोई बाइंडिंग में गड़बड़ी के कारण हो गई हो. बाकायदा बड़े प्यार से लापरवाही करके गलती की गई है. पेज नंबरों पर नजर डालने पर ये बात समझ में आ गई. पेज 99 पर i j k l है. फिर पेज 100 पर q r s t है जबकि होना m n o p चाहिए. m n o p के दिन भी बहुरे हैं मगर पेज 101 पर. 21 विद्वानों की घातक नज़रों से तो गुज़रा ही गुज़रा. कहा जा रहा है कि इनके संपादन के बाद राज्य पाठ्य पुस्तक अधिकारी अमरेंद्र सिंह और राज्य शिक्षा संस्थान की शोध अध्यापक नीलम मिश्रा ने भी इस पुस्तक की समीक्षा की. पर वो भी इसे ना पकड़ पाए. ये लोग ब्रेड पकौड़ा नहीं, सैंडविच खा रहे होंगे. बड़का अधिकारी हैं.
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मामले में प्रधानाध्यापक गोविंद कुमार ने गलती मानी है. उनका कहना है कि हर पेज पर पेज नंबर छपा है, ऐसे में यह गलती तो है. हालांकि हमने इसे पकड़ लिया है. पढ़ाते समय इसका ध्यान रखा जा रहा है.
बाराबंकी पहुंची किताब में X ही गायब है
फर्रुखाबाद की कहानी तो आपने जान ली. बाराबंकी में i j k l के बाद m n o p तो है. मगर यहां इंग्लिश की किताब से X ही गायब कर दिया गया है. यानी W के बाद सीधा Y आ गया है.
किताब के पन्ने पर आप देख सकते हैं कि X गायब है.
बहराइच पहुंची एक किताब में पोएट का नाम बदला
बहराइच में क्लास 1 में हिंदी की जो किताब पहुंची है, उसमें भी एक कमाल हुआ है. इसमें पेज नंबर 34 पर 2016-17 में छपी कविता पतंग में पोएट का नाम प्रयाग शुक्ला था. अब 2017-18 के सत्र में इसमें कवि का नाम ही बदल गया है. अब पेज नंबर 36 में पतंग कविता का पोएट सोहन लाल द्विवेदी को बताया गया है.यूपी में एक ये भी स्कूल है, वीडियो देखें-
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