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बैट्समेन अपना पहला मैच खेलने उतरा, इस बाउंसर ने आधे घंटे में करियर खत्म कर दिया

ये उसका पहला और आखिरी टेस्ट मैच था. आज ही के दिन हुआ था ये हादसा.

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पहले ही मैच में गेंद सिर पर लगी और करियर खत्म.
एक क्रिकेटर जिसमें भरपूर टैलंट था और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना नाम बनाने की असीम संभावनाएं थीं. 27 साल तक एक सपने के पीछे भागा कि देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलेगा. हुनरमंद था तो मौका भी मिला. इंग्लैंड के लिए पहला टेस्ट मैच खेलने उतरा. अभी 30 मिनट ही हुए थे क्रीज पर कि उसे अस्पताल जाना पड़ा, जहां से वो कभी इस मैदान पर नहीं लौटा.
14 जून 1984 का दिन था. बाएं हाथ के बल्लेबाज एंडी लॉयड को इंग्लैंड की टेस्ट टीम में जगह मिली थी. पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ था. पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लिश टीम की ओपनिंग की एंडी लॉयड ने. सामने थे अपने दौर के सबसे खतरनाक गेंदबाज मैल्कम मार्शल. अभी लॉयड ने 10 ही रन बनाए थे कि एक शॉर्ट पिच गेंद एंडी के सिर पर जा लगी. एंडी ने हैलमेट तो पहना था  मगर वो उतना मजबूत नहीं था कि मार्शल की दनदनाती गेंद के प्रहार को झेल लेता. गेंद एंडी की दाईं कनपटी पर लगी.
वीडियो देखिए:

लगते ही एंडी गिर पड़े. वो चलकर मैदान के बाहर गए. सीधे अस्पताल ले जाया गया. वहां कुछ दिन तक भर्ती रहे. उनको दिखना बंद हो गया था. चोट इतनी गहरी थी कि वो दोबारा इंग्लैंड के लिए नहीं खेल पाए. एक अनोखा रिकॉर्ड इस खिलाड़ी के नाम ये भी हुआ कि वो इकलौते टेस्ट क्रिकेटर बन गए जिन्होंने पारी की ओपनिंग की और कभी आउट नहीं हुए. एंडी को टेस्ट टीम का हिस्सा तीन वनडे मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद मिला था. अपने पिछले काउंटी सीजन में एंडी ने 1673 रन मारे थे जिनमें 5 शतक शामिल थे. चोट लगने के बाद वो इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी नहीं कर पाए. मगर वो दोबारा मेहनत करते हुए काउंटी क्रिकेट में जरूर खेले. अपनी काउंटी क्रिकेट से जब सन्यास लिया तो इस बल्लेबाज के नाम 17,201 रन थे. साथ ही 29 शतक भी एंडी मार चुके थे.
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1986 सीरीज में मैल्कम मार्शल और माइक गैटिंग.

अगर बात वेस्टइंडीज की हो तो ये वो दौर था जब वेस्टइंडीज की गेंदबाजी बहुत अग्रेसिव थी. मैल्कम मार्शल ने एंडी लॉयड को जिंदगी भर के लिए क्रिकेट से बाहर करने के साथ 1986 में इंग्लैंड के ही माइक गैटिंग को भी बुरी तरह चोटिल किया था. ये वो तस्वीर है जिसमें गैटिंग बुरी तरह जख्मी थे. वेस्टइंडीज की बादशाहत का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि 1984 में वो इंग्लैंड जाकर 5-0 से जीते और जब इंग्लैंड की टीम 1986 में वेस्टइंडीज गई तो भी वो 5-0 से जीते. 1988 में वो 4-0 से जीते. 1969 से 2000 के बीच में वेस्टइंडीज एक भी सीरीज इंग्लैंड से नहीं हारी.


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