तारीख- 26 फरवरी 2019. समय- तड़के 3 से 4 बजे. भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 विमान पाकिस्तान में घुसते हैं. और पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट, चकोठी और मुज़फ्फरबाद में चल रहे आतंकियों के कैंप तबाह करते हैं. खबरें आती हैं कि भारतीय वायुसेना ने 300 के करीब आतंकियों को मार गिराया. इस खबर के बाद पूरा देश खुशी से झूम जाता है. तसल्ली मिलती है कि भारत ने पुलवामा में हुए फिदायीन हमने का बदला ले लिया. लेकिन देश खुशी मना ही रहा होता है उसी के बीच खबर आती है कि अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाकिस्तान ने भी भारत में घुसने की कोशिश की. इस घुसपैठ पर भारत जवाबी कार्रवाई करता है और पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराता है. लेकिन इसी जवाबी कार्रवाई में मिग21 चला रहे विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान में फंस जाते हैं. फिर तमाम तरह की उठा-पटक के बाद पाकिस्तान को उन्हें 60 घंटे के भीतर भारत कौ सौंपना पड़ता है.
60 घंटे के भीतर पाकिस्तान को अभिनंदन को लौटाना पड़ा थाअब विंग कमांडर अभिनंदन 60 घंटे के भीतर भारत तो लौट आते हैं, लेकिन इसके लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान की तारीफ की है. उन्होंने बाकायदा इसके लिए इमरान खान का शुक्रिया अदा भी किया है. इतना ही नहीं उन्होंने एयर स्ट्राइक को लेकर पीएम मोदी से सबूत भी मांगे हैं. इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा-
मैं पाकिस्तान के आतंकी कैम्पों पर भारतीय वायुसेना के हमले पर सवाल खड़े नहीं कर रहा. हम तकनीकी दौर में रह रहे हैं. खुले में की गई किसी कार्रवाई की तस्वीरें सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से मिल सकती हैं. इसीलिए सरकार को सबूत देना चाहिए. अमेरिकी सरकार ने लादेन को मारने का सबूत दुनिया के सामने पेश किया था."
वो आगे ये भी कहते हैं कि 'इस हमले पर वो सवाल नहीं खड़े कर रहे, लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान सरकार ने विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई की है इसके लिए वो धन्यवाद के पात्र हैं'. उन्होंने इमरान खान को एक अच्छा पड़ोसी बताया. साथ ही ये भी कहा कि इमरान खान को हाफिज सईद और मसूद अजहर को अब भारत को सौंप कर बहादुरी दिखानी चाहिए.
इमरान की तारीफ में दिग्विजय सिंह ये भी कहते हैं कि आईएसआई अभिनंदन के बदले भारत से सौदेबाजी करना चाहता था. लेकिन इमरान ने ऐसा नहीं किया और भारत को अभिनंदन सौंप दिया. इस बात के लिए उनकी पाकिस्तान में आलोचना भी हो रही है. दिग्विजय सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने ये भी कहा कि "मैंने मोदी जैसा झूठा व्यक्ति नहीं देखा". ये जवाब उन्होंने पत्रकार के सवाल पर दिया जिसने मोदी के कन्याकुमारी वाले बयान का ज़िक्र किया था. पीएम मोदी ने 1 मार्च को कन्याकुमारी में कहा था कि 26/11 के मुंबई हमले के बाद वायुसेना पाक में सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहती थी लेकिन उस वक्त की यूपीए सरकार ने ऐसा करने से रोक दिया था.
दिग्विजय के इस बयान के बाद वो लोगों के निशाने पर आ गए, ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे. सोशल मीडिया पर पर लोगों ने उनकी खिंचाई शुरू की दी.
वैसे ये पहला मौका नहीं है जब सवाल करने पर लोग किसी को देश विरोधी या फिर पाकिस्तान परस्त कहने लगे हों. इससे पहले भी भारत ने जब सर्जिकल स्ट्राइक की थी, तब अरविंद केजरीवाल ने भी सबूत मांगने की बात की थी. उस वक्त भी लोगों ने खूब केजरीवाल की खिंचाई की. लेकिन इस बार जैसे ही एयर स्ट्राइक की खबर आई केजरीवाल ने वायुसेना के समर्थन में ट्वीट किए, जिसके बाद लोगों ने इस बात पर भी उनकी खिंचाई शुरू कर दी. अब सबूत की बात करने पर लोग दिग्विजय सिंह की खिंचाई कर रहे हैं.