बिलकिस बानो (Bilkis Bano) मामले में दोषियों की रिहाई पर महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बयान आया है. मंगलवार, 23 अगस्त को फडणवीस ने एक चर्चा के दौरान दोषियों को सम्मानित करने की बात पर नाराजगी जताई और उसे गलत बताया. फडणवीस का बयान तब सामने आया है, जब बिलकिस के बलात्कारियों की रिहाई का काफी विरोध हो रहा है.
'सरकार ने माफी नीति से रिहा किया, लेकिन सम्मानित करना गलत', बिलकिस के दोषियों पर बोले फडणवीस
फडणवीस ने कहा कि आरोपी सिर्फ आरोपी होता है और इस काम को जायज नहीं ठहराया जा सकता.


विधान परिषद में हो रही चर्चा के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा,
'आरोपियों को जेल में 14 साल बिताने के बाद रिहा किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद रिहाई हुई. लेकिन अगर किसी आरोपी को सम्मानित किया जाता है और उसका स्वागत किया जाता है तो, यह गलत है. आरोपी तो आरोपी होता है और इस काम को जायज नहीं ठहराया जा सकता.’
दरअसल, हाल ही में राज्य के भंडारा शहर में तीन आदमियों द्वारा एक महिला के साथ तीन दिन तक कथित रेप और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था. विपक्ष ने सदन में इस मामले के संबंध में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. लगभग एक घंटे चली चर्चा के दौरान ही बिलकिस बानो का मामला भी उठाया गया. इसपर फडणवीस ने कहा कि सदन में बिलकिस बानो के मुद्दे को नहीं उठाया जाना चाहिए.
Devendra Fadnavis ने रखी बातदेवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिलकिस बानो रेप केस के 11 दोषियों को बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद गुजरात सरकार ने माफी नीति के आधार पर रिहा किया था, लेकिन दोषियों को सम्मानित करना ठीक नहीं है.
बता दें कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान रंधिकपुर गांव में बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. वो उस समय 21 साल की थी और पांच महीने की गर्भवती थी. बिलकिस की बेटी समेत परिवार के सात सदस्यों की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी.
इस मामले में कुल 11 दोषियों को 2008 में मुंबई की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इधर गुजरात की बीजेपी सरकार ने माफी नीति के तहत सभी दोषियों को 15 अगस्त को रिहा कर दिया. गोधरा जेल से रिहाई के बाद दोषियों का फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया. इन दोषियों को वापस जेल भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई है.
देखें वीडियो- गुजरात: बिलकिस बानो केस में 11 दोषियों की रिहाई के बाद मुसलमानों के बीच डर का माहौल





















