राजस्थान के जोधपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां मार्च 2026 में एक महिला ने कथित तौर पर सालों गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग झेलने के बाद अपनी जान दे दी. इस घटना के लगभग 2 महीने बाद उस महिला की छोटी बहन ने भी आत्महत्या कर ली. छोटी बहन ने कई बार न्याय के लिए पुलिस से गुहार लगाई थी लेकिन आरोप है कि मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. दोनों बहनों की मौत से इलाके में भारी तनाव फैल गया है.
गैंगरेप के बाद बहन ने किया सुसाइड, इंसाफ नहीं मिलने पर छोटी बहन ने भी जान दे दी
आरोपी और उसके साथियों ने लगभग चार साल महिला का शोषण किया और उसे ब्लैकमेल करते रहे. उसकी छोटी बहन ने पुलिस को यह चेतावनी भी दी थी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह अपनी जान दे देगी. लिहाजा उसकी शिकायत पर FIR तो दर्ज कर ली गई, लेकिन एक महीने बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.


पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे हैं. पीड़िता के पिता ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है.
बड़ी बहन ने दी जान, फिर भी कार्रवाई नहींएनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में पहली शिकायत 11 अप्रैल दर्ज कराई गई थी. पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता की बहन ने बताया था कि उसकी बड़ी बहन का महिपाल नाम के एक 'ई-मित्र' सर्विस सेंटर ऑपरेटर ने यौन उत्पीड़न किया. महिपाल ने छिपकर उसके अश्लील वीडियो बना लिए थे. इसके बाद वो लगातार उसे ब्लैकमेल करने लगा. शिकायत में छोटी बहन ने कुल 8 लोगों के नाम लिए. आरोपियों में शिवराज, गोपाल, विजराम, दिनेश, मनोज और पुखराज के नाम शामिल हैं.
छोटी बहन ने इन सभी पर अपनी बहन के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसे जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया. अपनी शिकायत में उसने बताया कि महिपाल और उसके साथियों ने लगभग 4 साल तक उसका शोषण किया और उसे ब्लैकमेल करके लगातार पैसे ऐंठे. उसने आगे बताया कि और न सह पाने के कारण 20 मार्च को बड़ी बहन ने अपनी जान दे दी.
मृतका की छोटी बहन ने पुलिस को यह चेतावनी भी दी थी कि अगर उसे न्याय नहीं मिला, तो वह अपनी जान दे देगी. लिहाजा उसकी शिकायत पर FIR तो दर्ज कर ली गई लेकिन आरोप है कि एक महीने बाद भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
नहीं रुका उत्पीड़नबहन की आत्महत्या के बाद महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे भी परेशान करने लगे. उन्होंने बताया कि बहन के वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसके साथ भी यौन उत्पीड़न किया गया. महिला ने आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने के बाद भी आरोपी उसे खुलेआम धमकियां देते रहे और शेखी बघारते रहे कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. 15 मई की रात अपनी बात कहने के लिए छोटी बहन एक पानी की टंकी पर चढ़ गई. उसने मांग की कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए. इसके बाद उसने जहर खा लिया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई.
घटना के बाद से पब्लिक का गुस्सा आरोपियों और पुलिस के खिलाफ भड़क उठा. महिला का शव वहां के MDM हॉस्पिटल में रखा हुआ था. खबर मिलते ही हॉस्पिटल के बाहर भीड़ जमा हो गई. शुरुआती बहस के बाद पीड़िता के परिवार वाले पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हो गए. मारवाड़ राजपूत सोसाइटी के प्रेसिडेंट हनुमान सिंह खांगटा ने पुलिस पर पूरी जांच के दौरान आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस की नाकामी की वजह से दोनों बहनों की जान चली गई.
जोधपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट पीडी नित्या ने कहा कि महिपाल और एक दूसरे आरोपी को हिरासत में लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है. लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस केस से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच की जाएगी.
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