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यहां मूतने के लिए नहीं मिलता ब्रेक, एम्प्लॉई पहनते हैं डायपर

अपने बॉस को शुक्रिया कहिए, अगर ऐसा आपके साथ नहीं होता है. और अगर होता है तो ब्लैडर फटने का इंतजार मत करो. नई नौकरी खोजो.

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अपने बॉस को शुक्रिया कहिए. भले ही वो खड़ूस हो. भले ही उसने आपकी छुट्टी कैंसिल कर दी हो. वो लाख बुरा हो. पर उनमें इतनी इंसानियत तो होगी ही कि वो आपको चैन से मूतने दे. मतलब चैन से मूतने का ब्रेक तो देता ही होगा. इसलिए इस पैराग्राफ के पहले सेटेंस को फिर पढ़िए. और अपने बॉस को शुक्रिया कहिए.
शुक्रिया, क्योंकि दुनिया में कुछ ऐसी भी कंपनियां हैं जो अपने एम्पलॉईज़ को मूतने तक का ब्रेक नहीं देती. उतराते मूत को रोकने के लिए कर्मचारियों को पहनाए जाते हैं डायपर्स. और ब्लैडर फाड़ देने वाला ये काम हो रहा है उन लोगों के साथ, जो आपके लिए चिकन का जुगाड़ करते हैं. यानी चिकन मीट के धंधे में लगे लोगों के साथ. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्गी पालन इंडस्ट्री में लगे लोगों को मूतने तक के लिए ब्रेक नहीं दिया जा रहा है.
'इंटरनेशनल एंटी पूवर्टी एंड इनजस्टिस ग्रुप' की विंग है 'ऑक्सफेम अमेरिका'. गरीबी और लोगों के साथ हो रही नाइंसाफी को लेकर रिपोर्ट्स बनाती है. लोगों का ख्याल रखा जाए, इस बात का ख्याल रखती है. इस ऑक्सफेम अमेरिका ने एक रिसर्च की है. इस रिसर्च के मुताबिक, मुर्गीपालन इंडस्ट्री में लगे लोगों को बाथरूम जाने तक का ब्रेक नहीं दिया जाता है. ऐसा इसलिए होता है ताकि ज्यादा से ज्यादा काम निकाला जा सके. अब आते बाथरूम को 'उचित स्थान' देने के लिए कंपनियां कर्मचारियों को डायपर्स पहनाए जा रहे हैं.
चिकन का काम कर रहे लोगों ने बताया कि पेशाब न आए, इसके लिए वो लोग पानी तक नहीं पीते हैं. ऑक्सफेम अमेरिका ने इसको लेकर अमेरिका में सैकड़ों लोगों से बात की. एक एंपलॉई ने बताया, 'हमें काम करते वक्त पेशाब करने नहीं जाने दिया जाता. इसलिए कंपनियां मुझे और मुझे जैसे तमाम लोगों को डायपर्स पहनाती है.'
तो ये तो हाल है. इंसान को मशीन बनाने का काम पूरा हो चुका है. चार्ली चैपलिन की फिल्म 'मॉर्डन टाइम्स' याद रही है. जिसमें चार्ली चैपलिन को खाने खिलाने की मशीन में फिट कर दिया जाता है. मशीन काम करना शुरू करती है. सूप पिलाती है. भुट्टी खिलाती है. और फिर खराब हो जाती है. फिर तो चार्ली चैपलिन की जो हालत होती है, वो पूछो मत. क्योंकि देखने का ऑप्शन है. यू-ट्यूब पर वीडियो है. हम उठा लाए हैं. आप देख लो. और समझके अपने बॉस को मेंशन करते हुए ये स्टोरी शेयर कर कहो, 'इंसान हैं हम सर, मशीन नहीं. प्लीज हमें चैन से रहने दो. छुट्टी दो घूमने के लिए.' https://www.youtube.com/watch?v=n_1apYo6-Ow

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