
दिल्ली पुलिस ने राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
राजेश भारती हरियाणा के जिंद का रहने वाला था. पिछले 23 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. उसपर हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब, यूपी और राजस्थान में भी हत्या और हत्या की कोशिश के अलावा अपहरण, जबरन वसूली और कार चोरी के 28 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया था. इसी साल फरवरी 2018 में जब हरियाणा पुलिस उसे कोर्ट में पेशी पर लेकर जा रही थी, तो वो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया. उसके बाद से ही वो लगातार अपराध कर रहा था. लोगों से वसूली के लिए वो एके 47 जैसे हथियार से हत्या करने तक की धमकी देता था. उसने क्रांति गैंग के नाम से भी दहशत कायम कर रखी थी. उसकी धमकी का ऑडियो भी दिल्ली पुलिस के पास था, जिसमें राजेश दिल्ली के एक कारोबारी भूषण से 50 लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था. हरियाणा के साथ ही दिल्ली पुलिस को भी राजेश भारती की लंबे समय से तलाश थी. मारे जाने के बाद राजेश भारती का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो फोन पर किसी को धमकाते हुए बोल रहा है कि दिल्ली, हरियाणा और जयपुर में हमसे ऊपर कोई नहीं है. दुबई में बैठा शकील भी हमसे बात करने के लिए तरस रहा है. पैसे देने ही पड़ेंगे. क्रांति गैंग से हैं हम. किसी से पता कर लेना.
क्या हुआ था 9 जून को?

दिल्ली पुलिस पिछले दो महीने से राजेश भारती और उसके गैंग को पकड़ने की कोशिश कर रही थी.
राजेश भारती पर एक लाख रुपये का इनाम था. इसकी वजह से दिल्ली पुलिस के मुखबिर राजेश को पकड़ने की हर संभव कोशिश कर रहे थे. 9 जून की सुबह ही दिल्ली पुलिस को पता चला कि राजेश भारती और उसका गैंग दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके के फतेहपुर में चनन होला के खरक गांव के पास कोई वारदात करने जा रहा है. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने राजेश को पकड़ने के लिए योजना बनाई. जैसे ही दिल्ली पुलिस चनन होला के खरक गांव के फॉर्म हाउस के पास पहुंची, राजेश भारती के गैंग को पुलिस के आने का पता चल गया. हरियाणा नंबर की सफेद एसयूवी में सवार अपराधियों के गैंग ने अपने बचाव में फायरिंग कर दी. लेकिन दिल्ली पुलिस भी तैयार थी. उसने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 15 मिनट तक छतरपुर में गोलियां चलती रहीं. 35 राउंड के बाद जब फायरिंग बंद हुई तो पता चला कि पुलिस ने कुख्यात राजेश भारती को मार गिराया है. इसके अलावा गैंग के और अपराधी कपिल, संजीत बिंद्रो, उमेश डॉन और भीखू को भी दिल्ली पुलिस ने मार गिराया था. संजीत पर भी दिल्ली पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का इनाम था, जबकि उमेश पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. वहीं इस एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के छह जवानों को भी गोलियां लग गईं. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. वहीं पुलिस के दो और जवान घायल हुए हैं.
दिल्ली की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक दिल्ली पुलिस करीब तीन महीने से उस फॉर्म हाउस पर नज़र रखे हुए थी. 9 जून की दोपहर में हमें बदमाशों के होने का पता चला था. हमने उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पांच बदमाश मारे गए. पुलिस के मुताबिक बदमाश फोर्ड एंडेवर कार में सवार थे. उनके पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल भी बरामद की गई हैं.
इस खबर के लिए ज़रूरी जानकारियां आजतक के क्राइम रिपोर्टर अरविंद ओझा ने मुहैया करवाई हैं.






















