जैश-ए-मोहम्मद हर बार आतंकी हमले के लिए नया टारगेट क्यों चुनता है? पुलवामा में CRPF पर हुए आतंकवादी हमले में इतने जवान कैसे शहीद हुए?
पुलवामा हमले में शामिल जैश-ए-मुहम्मद का एक टेररिस्ट दिल्ली में अरेस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलवामा अटैक के मास्टरमाइंड का करीबी था ये आदमी.
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ये पुलवामा में CRPF के कारवां पर हुए आतंकी हमले के बाद की एक तस्वीर है (फोटो: रॉयटर्स)
जैश-ए-मुहम्मद का एक आतंकवादी सज्जाद खान दिल्ली से अरेस्ट किया गया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ़्तार किया. आरोप है कि सज्जाद को पुलवामा अटैक की पूरी जानकारी थी. खबरों के मुताबिक, 14 फरवरी को पुलवामा में CRPF के काफिले पर जो हमला हुआ था उसके मास्टरमाइंड मुदस्सिर का करीबी सहयोगी था सज्जाद. वो मुदस्सिर के साथ संपर्क में भी था. मुदस्सिर मार्च में ही मारा गया. अभी जो पता चला है, वो ये है कि सज्जाद शॉल बेचने वाला बनकर दिल्ली में रह रहा था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरेस्ट किए जाने के बाद सज्जाद से पूछताछ हुई. उससे पता चला कि सज्जाद फर्जी नंबरों के जरिये पाकिस्तान के एक आतंकवादी यासिर के साथ भी कॉन्टेक्ट में था. ये लोग एक ऐप के मार्फ़त बात किया करते थे. बताया जा रहा है कि सज्जाद के दो भाई भी जैश के आतंकी थे. दोनों सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए. पुलवामा अटैक में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे. उनका काफिला जम्मू के उधमपुर से श्रीनगर जा रहा था, जब रास्ते में विस्फोटक से भरी एक कार ने कारवां के एक बस में टक्कर मार दी. ये एक फिदायीन हमला था. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मुहम्मद ने ली. इस आतंकी संगठन का सरगना है मौलाना मसूद अजहर. इस हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में जैश के एक मदरसे पर हवाई हमला किया था.
जैश-ए-मोहम्मद हर बार आतंकी हमले के लिए नया टारगेट क्यों चुनता है? पुलवामा में CRPF पर हुए आतंकवादी हमले में इतने जवान कैसे शहीद हुए?
जैश-ए-मोहम्मद हर बार आतंकी हमले के लिए नया टारगेट क्यों चुनता है? पुलवामा में CRPF पर हुए आतंकवादी हमले में इतने जवान कैसे शहीद हुए?
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