The Lallantop

दिल्ली में शराब नीति मामले में अरेस्ट हुए विजय नायर और अभिषेक बोइन्पल्ली कौन हैं?

दोनों को CBI के केस में जमानत मिल गई है. लेकिन ED की गिरफ्तारी की वजह से अभी दोनों को जेल में ही रहना पड़ेगा.

Advertisement
post-main-image
विजय नायर और अभिषेक बोइन्पल्ली. (फाइल फोटो)

केजरीवाल सरकार एक नई आबकारी नीति (Excise Policy) लाई थी. उम्मीद थी कि इस नीति से कई फायदे होंगे. लेकिन फिर ये नीति दिल्ली सरकार के लिए सिरदर्द बन गई. पहले उपमुख्यमंत्री सिसोदिया से पूछताछ, फिर जगह-जगह CBI और ED की छापेमारी और रोज़ सामने आते नए चेहरे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

ताज़ा खबर ये है कि CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए विजय नायर और अभिषेक बोइन्पल्ली को ED ने गिरफ्तार कर लिया है. कुछ वक़्त पहले दोनों को CBI ने इसी मामले में गिरफ्तार किया था. इस मामले में दोनों की जमानत पर फैसला 14 नवंबर को आया. दोनों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से ज़मानत मिल गई. हालांकि, ED की गिरफ्तारी के कारण अब भी दोनों को जेल में ही रहना पड़ेगा.

कौन हैं विजय नायर?

इस साल सितंबर के आखिर में एक खबर आती है. CBI ने विजय नायर को गिरफ्तार कर लिया. कुछ ही देर में विजय नायर की पहचान भी सबके सामने आने लगती है और पता चलता है कि नायर आप के कम्युनिकेशन इनचार्ज हैं. इससे पहले वो एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी 'Only Much Louder' के CEO भी रहे हैं, जो लाइव म्यूजिक फेस्टिवल्स का आयोजन करती है और ‘AIB’ जैसे कॉमेडी संस्थान को मैनेज भी कर चुकी है. 

Advertisement

पता चला कि साल 2014 से ही नायर पार्टी के लिए फंड इकट्ठा करने वाले अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं और अब पार्टी के मीडिया और कम्युनिकेशन के पीछे उनका ही हाथ बताया जाता है. कहा जाता है कि विजय नायर ये काम बिना किसी औपचारिक पद को ग्रहण किए कर रहे हैं.

द प्रिंट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़, पार्टी के एक सदस्य का कहना है कि विजय नायर पार्टी में एक नयापन लेकर आए. सदस्य ने आगे बताया, 

“नायर के पास नए विचार हैं, सामाजिक पूंजी है और वो स्किल्स हैं जो मुख्यमंत्री के नजदीकी सलाहकारों के पास नहीं हैं. नायर परदे के पीछे से ही काम करना पसंद करते हैं. यही उनका स्टाइल है और पार्टी को इससे कोई दिक्कत नहीं है. अपनी स्किल्स के साथ-साथ वे अपने आप में एक ब्रांड भी हैं.”

Advertisement

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2020 में चुनाव जीतने के बाद AAP का कॉन्ट्रैक्ट अपने पिछले मीडिया एडवाइजर के साथ समाप्त हो चुका था और इस काम के लिए एक नई टीम बनाई गई. हिंदी की टीम अलग और अंग्रेजी की अलग. जिसमें दो पूर्व पत्रकारों को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया. इन सबके पीछे विजय नायर की ही स्ट्रेटिजी थी. बताया जाता है कि फरवरी 2022 से ही AAP का पूरा कम्युनिकेशन विंग नायर के हाथ में ही है. दिल्ली और बाकी राज्यों में सोशल मीडिया से लेकर फंड इकट्ठा करने तक पूरी ज़िम्मेदारी नायर के कंधों पर ही थी.

अभिषेक बोइन्पल्ली कौन हैं?

अभिषेक बोइन्पल्ली एक स्वतंत्रता सेनानी के पोते हैं. TRS के संस्थापक सदस्य बोइन्पल्ली वेंकट राव के बेटे और हैदराबाद के एक ब्यूटी सैलून चेन के मालिक हैं. अभिषेक पर शराब कंपनियों के लिए लॉबी करने का आरोप है.

शुरूआती जांच में अभिषेक का नाम CBI की FIR में नहीं था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि हैदराबाद के एक व्यापारी और ब्रिटिश ट्रेड ऑफिस के हेड, अरुण रामचंद्र पिल्लई से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया था. विजय नायर के साथ ही अरुण का भी नाम आरोपियों के साथ शामिल किया गया था. इससे पहले 12 जुलाई को अरुण और अभिषेक ने मिलकर रॉबिन डिस्ट्रीब्यूशन LLP की स्थापना की थी. CBI ने अभिषेक पर आरोप लगाए हैं कि अभिषेक दिल्ली में दक्षिण की शराब कंपनियों के लिए नई आबकारी नीति के तेहत लॉबी कर रहे थे.

आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नई आबकारी नीति को लागू किया था. इस साल मार्च में लेफ्टिनेंट गवर्नर ने इसमें हो रही कथित गड़बड़ियों के आधार पर केंद्र से शिकायत की थी. जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई हो रही है.

(ये स्टोरी हमारे साथी दीपक ने लिखी है)

दिल्ली: नई शराब नीति वापस लेने के बाद बोले मनीष सिसोदिया, BJP ने ED-CBI के नाम पर अधिकारियों को धमकाया

Advertisement