मेघना गुलज़ार डायरेक्टेड फिल्म 'छपाक' को 35 करोड़ रुपए के बजट में बनाया गया था. छोटे बजट की कॉन्टेंट ड्रिवन फिल्म. द क्विंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बीते सोमवार तक 32.48 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. ये कलेक्शन देखकर आपको लग रहा होगा कि फिल्म तो पिट गई. दीपिका हार गईं. अंधभक्ति, आईटी सेल और फर्जी देशभक्ति जीत गई. लेकिन आपको गलत लग रहा है. क्योंकि फिल्में थिएटर्स के अलावा और भी कई जगहों से पैसे कमाती हैं. इस मसले पर डिटेल में अलग से बात करेंगे, फिलहाल अपनी कहानी आगे बढ़ाते हैं. बात ये है कि छपाक ने अब तक टोटल 71.48 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. कैसे? नीचे बता रहे-

जेएनयू में छात्रों के साथ खड़ीं दीपिका पादुकोण. स्टूडेंट्स ने उनके सामने इस घटना के खिलाफ नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया.
# रिलीज़ से पहले 'छपाक' के म्यूज़िक राइट्स बिक चुके थे. 3 करोड़ रुपए में. # सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स बेचकर फिल्म ने कमाए 23 करोड़ रुपए. # इंडिया में 32.48 करोड़ रुपए कमाने के अलावा फिल्म ने विदेशों से भी 13 (1.84 मिलियन डॉलर्स) करोड़ रुपए का कलेक्शन किया.
अगर इन सब नंबर्स को जोड़ लें, तो फिल्म की कुल कमाई होती है- 71.48 करोड़ रुपए. वो बात ठीक है कि 'छपाक' बहुत पैसे नहीं पीट पाई. लेकिन इसके साथ हमें ये भी मानना होगा कि फिल्म से प्रोड्यूसर्स का नुकसान तो नहीं हुआ है. 'छपाक' में लीड रोल करने के अलावा दीपिका इस फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर भी जुड़ी हुई थीं. एज़ अ प्रोड्यूसर ये उनकी पहली फिल्म थी. और इसी फिल्म की रिलीज़ से पहले दीपिका के जेएनयू जाने को बहुत रिस्की और हिम्मती कदम माना गया. कुछ लोगों का ये भी मानना था कि ये फिल्म प्रमोशन के अलावा कुछ और नहीं था. अगर ये दीपिका के लिए फिल्म प्रमोशन का ही जुगाड़ था, तब भी हमें उनके इस चुनाव के लिए खड़े होकर तालियां बजानी चाहिए.
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