कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) को लेकर लगातार अलग-अलग तरह की खबरें आ रही हैं. कई लोगों के मन में कोविड वैक्सीन को लेकर अलग तरीके का डर बैठा हुआ है. 'कोविशील्ड’ वैक्सीन (Covishield vaccine) को लेकर तमाम विवादों के बीच हाल ही में खबर आई थी. इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने माना कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट्स सामने आ सकते हैं. आरोप ये भी हैं कि कुछ लोगों को वैक्सीन के चलते ब्लड क्लॉटिंग (Blood Clotting) यानी खून का थक्का जमने की समस्या भी हुई है. अब इन सब बातों पर WHO की पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन (Dr Saumya Swaminathan) की प्रतिक्रिया सामने आई है.
'कोरोना से खून का थक्का... ' वैक्सीन को लेकर कोई 'डर' है तो इस साइंटिस्ट की बात जरूर सुनिए
Covishield Vaccine को लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसको लेकर WHO की पूर्व चीफ साइंटिस्ट Dr Saumya Swaminathan ने काफी कुछ बोला है.

इंडियन एक्सप्रेस के आइडिया एक्सचेंज सेशन में डॉ स्वामीनाथन ने रिंकू घोष से बात की. इस दौरान उन्होंने बताया,
“लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर जो नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, उसको लेकर मैं बेहद चिंतित हूं. जब भी किसी वैक्सीन को विकसित किया जाता है, तो उसके प्रभाव और सुरक्षा को लेकर कई बार परीक्षण किया जाता है. अगर कोई नया टीका डेवलप हो रहा है तो इसके लिए फेज IV तक की स्टडी होती है. क्लिनिकल ट्रायल के दौरान महज 30000-40000 लोगों को टीका दिया गया, तो इसका साइड इफेक्ट सामने नहीं आया. लेकिन जब ये टीका करोड़ों लोगों को दिया गया तब लाखों लोगों में से 7-8 लोगों में इसके कुछ छोटे साइड इफेक्ट देखने को मिले. यदि आपने दस लाख लोगों को टीका लगाया, तो आपने कोविड के कारण जितनी जिंदगियां बचाईं, वह इन साइड इफैक्ट्स से कहीं अधिक हैं.”
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डॉ स्वामीनाथन ने आगे कहा,
“कोविड स्वयं फेफड़ों, हृदय, मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और क्लॉटिंग का कारण बनता है. कोविड के कारण होने वाली क्लॉटिंग, वैक्सीन के कारण होने वाली क्लॉटिंग से कई गुना, शायद सौ गुना ज्यादा होती है. इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि किसी भी दवा या वैक्सीन के साइड इफेक्ट हो सकते हैं. यहां तक कि पोलियो वैक्सीन के भी साइड इफेक्ट सामने आए थे, लेकिन इससे पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम नहीं रुका है.”
बताते चलें कि ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने हाल ही में पहली बार कोर्ट में स्वीकार किया कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन से गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं. इसी वैक्सीन को भारत में हम कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है. एस्ट्राजेनेका ने इस वैक्सीन को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर तैयार किया था. कई परिवारों ने आरोप लगाया कि इस वैक्सीन के कारण गंभीर साइड इफेक्ट हुए हैं. एस्ट्राजेनेका ने 5 मार्च, 2024 को वैक्सीन वापस लेने का आवेदन किया गया था. जो कि, 7 मई से लागू हो गया. अब यूरोपीय संघ में वैक्सीन का उपयोग नहीं किया जा सकता है.
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