कोविड -19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के नए सब-वेरिएंट्स की एंट्री हो चुकी है, नाम है BF.7 और BQ.1. एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि ये नए वेरिएंट पिछले वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहे हैं और अगर लापरवाही बरती गई तो ये खतरनाक साबित हो सकते हैं. मंगलवार, 18 अक्टूबर को महाराष्ट्र के पुणे में BQ.1 का एक मरीज सामने आया. इसके बाद राज्य सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है.
ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट भारत पहुंचे, 3-4 हफ्तों में देश भर में फैल सकते हैं
नए वेरिएंट के लक्षण क्या हैं? एक्सपर्ट ने बताया


महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी भी हुई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक जितने मामले सामने आए थे, उससे 17.17% ज्यादा मामले 10 और 16 अक्टूबर के बीच आए हैं. कोविड के मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी घनी आबादी वाले ठाणे, रायगढ़ और मुंबई में देखने को मिली है.
चीन, अमेरिका ब्रिटेन में केस मिले?ओमिक्रॉन के BF.7 सब-वेरिएंट की बात करें तो गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने देश में इसके पहले केस का पता लगाया है. चीन में कोरोना के मामले बढ़ने का कारण यही वेरिएंट है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और बेल्जियम में भी इस नए वेरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने कहा है कि उनके यहां कुल कोविड केसेज में से 5.3 प्रतिशत मरीज़ BF.7 से संक्रमित मिल हैं. साथ ही वो BQ.1 की भी लगातार निगरानी कर रहा है. उधर, ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार 7.26 प्रतिशत संक्रमित लोगों में BF.7 वेरिएंट पाया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार BA.5 की तुलना में BF.7 17.95 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैल रहा है. डॉक्टर्स के मुताबिक नया सब-वेरिएंट फुल वैक्सीनेट और अच्छी इम्यूनिटी वाले लोगों को भी चपेट में ले सकता है. राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार ग्रुप (NTAGI) में वैक्सीनेशन के चेयरमैन डॉ एनके अरोड़ा के मुताबिक बदन दर्द इसका मुख्य लक्षण है. अगर किसी को लंबे समय से शरीर में दर्द हो रहा है तो उसे कोविड टेस्ट कराने की जरूरत होगी. इसके अलावा, गले में खराश, थकान, कफ और बहती नाक भी इस सब वेरिएंट के लक्षण हो सकते हैं.
3-4 हफ्ते में भारत की आबादी में फैल सकता हैडॉ एनके अरोड़ा ने नए वेरिएंट को लेकर चेताते हुए कहा,
"अगर लापरवाही बरती गई तो भारत में कोविड-19 की अगली लहर आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता. दिवाली को देखते हुए त्योहार का सीजन पूरे जोर पर है और बाजारों में लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं. ऐसे ही अगर चलता रहा तो अगले 3-4 हफ्तों में यह वायरस और ज्यादा तेजी के साथ फैल सकता है. मौसम ठंडा हो रहा है और फ्लू भी फैल रहा है तो हो सकता है लोग कोविड के लक्षणों को गले में खराश और नाक बहने जैसा सामान्य मामला समझ लें. अगर कोई इसे सामान्य लक्षण समझता रहा तो सोचिए वह कितने लोगों में वायरस फैला चुका होगा."
डॉ अरोड़ा के मुताबिक इस नए सब-वेरिएंट से घबराने की नहीं, बल्कि सावधान रहने की जरूरत है. इससे बचे रहने के लिए लोग मास्क लगाएं, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें.
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