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कश्मीरी को बोनट पर बांधने वाले मेजर को श्रीनगर होटल मामले में आर्मी ने दोषी पाया

सजा मिलनी तय.

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मेजर लीतुल गोगोई कोर्ट मार्शल के बाद 6 महीने की वरिष्ठता खो चुके हैं.
अप्रैल 2017 में एक कश्मीरी को ह्यूमन शील्ड बनाने वाले मेजर लीतुल गोगोई एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उनके खिलाफ चल रहा कोर्ट मार्शल पूरा हो चुका है. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कश्मीरी महिला से दोस्ती करने का दोषी पाया गया है. सजा के तौर पर उनका पद घटाया जा सकता है. मेजर गोगोई के ड्राइवर समीर मल्ला के खिलाफ भी हाल ही में कोर्ट मार्शल पूरा हुआ था. उसके खिलाफ बिना परमिशन यूनिट से गायब होने के आरोप लगे थे, उसे कड़ी फटकार लगाई जा सकती है. किन बातों का दोषी पाया गया फरवरी की शुरुआत में मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ साक्ष्य एकत्र करने के बाद कोर्ट मार्शल का प्रोसेस शुरू हुआ था. दोनों को दो बातों का दोषी पाया गया है. पहला स्थानीय महिला से दोस्ती और दूसरा ऑपरेशनल एरिया में ड्यूटी से गायब रहना.  पिछले साल 23 मई को श्रीनगर के होटल की घटना सामने आने के बाद आर्मी ने मेजर गोगोई और उनके ड्राइवर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. इस मामले में दोनों को ही दोषी माना गया था. मेजर गोगोई को पुलिस ने होटल के कर्मचारियों के साथ एक विवाद के बाद हिरासत में लिया था जब वह कथित तौर पर एक 18 वर्षीय महिला के साथ होटल में घुसने की कोशिश कर रहे थे. महिला बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची महिला ने कोर्ट मार्शल की कार्यवाही के दौरान अपने बयान दर्ज करान से मना कर दिए थे. उसने सेना के अधिकारियों को सूचित किया था कि मैजिस्ट्रेट के सामने उसने जो बयान दिए थे उसी बयान को उसका अंतिम बयान माना जाए. महिला ने यह भी कहा था कि वह अपनी मर्जी से मेजर गोगोई के साथ बाहर गई थी, साथ ही खुलासा किया था कि वह मेजर से फेसबुक के जरिए मिली थी. इसके बाद दोनों की दोस्ती हो गई. पिछले साल इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद, सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि किसी भी अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर मेजर गोगोई को अनुकरणीय दंड दिया जाएगा. जनरल रावत ने कहा था कि अगर भारतीय सेना का कोई भी अधिकारी किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे. Untitled design (28) क्या था मामला श्रीनगर में एक होटल है- द ग्रैंड ममता. मई 2018 में मेजर गोगोई ने इस होटल में ऑनलाइन एक कमरा बुक कराया. 23 मई को वो एक कश्मीरी लड़की के साथ उस कमरे में चेक-इन करने आए. उनका ड्राइवर समीर भी साथ था. लड़की चूंकि लोकल थी, सो होटल स्टाफ ने उसे रूम में नहीं जाने दिया. झगड़ा हुआ, तो पुलिस बुलाई गई. पुलिस ने मेजर गोगोई और उस लड़की, दोनों को हिरासत में लिया. पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया. इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि सेना प्रमुख बिपिन रावत को बयान देना पड़ा. केस की तफ्तीश का जिम्मा श्रीनगर नॉर्थ जोन के SP सज्जाद शाह को दिया गया. इसके अलावा सेना ने भी अपने स्तर पर जांच की. क्यों मशहूर हुए थे मेजर गोगोई ? अप्रैल 2017 में मेजर गोगोई का नाम हेडलाइन्स में आया था. उनकी एक तस्वीर खूब वायरल हुई. फारुक अहमद दार नाम के एक कश्मीरी को अपनी जीप के बोनट से बांधकर उन्होंने उसकी परेड निकाली. ये जम्मू-कश्मीर के बड़गांव की बात थी. इस तस्वीर पर खूब विवाद हुआ. सेना ने कहा, फारुक पत्थरबाज था. पोलिंग बूथ को हिंसक भीड़ से बचाने के लिए मेजर गोगोई ने दार को ‘ह्युमन शील्ड’ बनाया. कइयों ने मेजर गोगोई की पीठ थपथपाई. कइयों ने उनकी आलोचना की. सेना ने मेजर गोगोई को सम्मानित किया.
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