रामनवमी यात्रा में एक गाने पर हुआ बवाल, पत्थरबाजी
जुलूस में बज रहा गाना पसंद नहीं आया दूसरे गुट को तो शुरू हो गई झड़प
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Photo : Facebook
रामनवमी पर झारखंड के दो शहरों में हिंसा हुई. पहले बोकारो और फिर हज़ारीबाग. इससे पहले कि बवाल बढ़े, हजारीबाग में कर्फ्यू लगा दिया गया. वहां रैपिड एक्शन फोर्स भी भेज दी गई. हजारीबाग के पांडू गांव में शुक्रवार को भी झड़प हो गई थी जिसमें एक मौत भी हो गई थी. रामनवमी पर हर साल जुलूस निकाला जाता है. हजारीबाग में रामनवमी का जुलूस एक दिन बाद निकाला जा रहा था. शनिवार शाम से लेकर रविवार की दोपहर तक कई जुलूस निकाले जाने थे. रविवार सुबह करीब 11 बजे खीरगांव इलाके से जुलूस गुजर रहा था. जिसमें लाउडस्पीकर पर गाने बज रहे थे. गाने ऐसे कि जिनका निचोड़ ये कहता था कि देश में रहेंगे तो सिर्फ़ हिन्दू. ऐसे गानों को सुनकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भड़क गए. पहले बहसबाजी शुरू हुई फिर बात पत्थरबाजी तक पहुंच गयी. हजारीबाग के डिप्टी इन्स्पेक्टर जनरल उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि पहले तो लोगों ने गाना बंद करने के लिए कहा. जब दूसरे पक्ष ने गाना बंद नहीं किया तो दोनों गुटों में पत्थरबाजी शुरू हो गई. झड़प देखते ही देखते और हिंसक हो गई. लोगों ने गाड़ियां और दुकानें जलाना शुरू कर दिया. भीड़ ने रोड के किनारे दर्जनों दुकाने जला डालीं. मस्जिद के पास की भी कुछ दुकानों को निशाना बनाया गया. कईं गाड़ियां भी शिकार हुईं. हज़ारीबाग के डीआईजी ने बताया कि जुलूस में गाने बजाने पर बैन नहीं है. बस गानों को धीमे आवाज़ में बजना चाहिए था. कहा जा रहा है कि हिंसी में लोगों की मौत हुई. भैरव गोप, प्रदीप सिंह और अनुज श्रीवास्तव इस हिंसा में शिकार हुए माने जाते हैं. लेकिन पुलिस का कहना है कि प्रदीप और अनुज की मौत इस हिंसा में नहीं हुई है. गोप की मौत की जांच हो रही है. हजारीबाग के डिप्टी कमिश्नर मुकेश कुमार ने कहा है कि भले ही विवादित गाने ने लोगों को भड़काया हो लेकिन इस घटना के और भी पहलू हैं. इसके पहले शुक्रवार को बोकारो में बवाल होने के बाद वहां कर्फ्यू लगा दिया गया था. अब दोनों जगह हालात काबू में हैं. सिचुएशन नॉर्मल होने के बाद बोकारो में कर्फ्यू हटा दिया गया.
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