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ऐसा फेयरवेल मिले, तो हर कोई रोज-रोज रिटायर होना चाहे

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फोटो - thelallantop
दिगंबर थाक. ड्राइवरी करते हैं. बड़े-बड़े बाबू साब और कलेक्टरों की गाड़ियां चलाते हैं. आज दफ्तर में उनका आखिरी दिन है. रिटायर हो रहे हैं आज. कहीं जिंदगी के 40 साल गुजार दो, तो उससे एक लगाव सा हो जाता है. लोग रिटायर होते हैं. उनको स्पेशल फील कराने के लिए एक विदाई समारोह किया जाता है. जिसमें नॉर्मली लोग उस आदमी की तारीफ ही करते हैं. खाना-पीना होता है. चद्दर और ट्रॉफी टाइप का भी कुछ मिलता है. उसके बाद फोटो सेशन होता है. आम तौर पर फेयरवेल ऐसा ही होता है. लेकिन दिगंबर का फेयरवेल सचमुच स्पेशल था. उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उनको इतना यादगार फेयरवेल मिलेगा.
दिगंबर के बॉस हैं श्रीकांत. महाराष्ट्र के अकोला जिले के कलेक्टर हैं. उन्होंने दिगंबर के लिए कुछ खास प्लान कर रखा था. जिस कार में बैठ कर वो ऑफिस आते हैं उसे गुलाब से सजाया हुआ था. आगे की सीट पर खुद श्रीकांत बैठे थे. वो भी ड्राइवर की यूनिफॉर्म में. उन्होंने दिगंबर को पीछे की सीट पर बिठा रखा था. ऐसा लग रहा था कि श्रीकांत दिगंबर की जिंदगी जीना चाहते हैं.
श्रीकांत कहते हैं, 'पिछले 35 सालों से वो अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. हर रोज कलेक्टरों को सेफली उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाते रहे हैं. मैं दफ्तर में उनका आखिरी दिन यादगार बनाना चाहता था. जो उन्होंने किया है उसके लिए थैंक्यू बोलना चाहता था.' दिगंबर पिछले 35 साल में जिले के 18 कलेक्टरों की ड्राइवरी कर चुके हैं. https://twitter.com/micnewdelhi/status/794419091960307712
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