राजू पाल मर्डर केस के गवाह उमेश पाल की हत्या को लेकर 25 फरवरी की विधानसभा कार्यवाही में गदर कट गया. सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विपक्षी दल के नेता अखिलेश यादव भिड़ गए. अखिलेश यादव ने राज्य की क़ानून-व्यवस्था की निंदा की, तो आदित्यनाथ उनपर बरस पड़े. मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार माफ़ियों की सरपरस्त थी. माफ़ियाओं को पोसती है और अपनी पार्टी से मंच देती थी.
अतीक़ अहमद पर विधानसभा में CM योगी और अखिलेश भयंकर लड़ पड़े
योगी बोले- माफिया को मिट्टी में मिला दूंगा.


यूपी विधानसभा का बजट सेशन चल रहा है. छठे दिन की कार्यवाही शुरू ही उमेश पाल हत्याकांड से हुई. विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने कहा,
"इलाहाबाद जैसा महानगर, जहां हमारा हाईकोर्ट है और वहां पर इस तरीक़े से शूटिंग हो रही है. दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं, बम चल रहे हैं. धुआं उड़ रहा है. मुख्य गवाह की हत्या हो जाती है. सुरक्षाकर्मी की हत्या हो जाती है. आख़िरकार पुलिस क्या कर रही है उत्तर प्रदेश में? सरकार क्या कर रही है? कहां गया डबल इंजन?"
अखिलेश के इस बयान पर CM योगी ने जवाब देते हुए कहा -
"जो घटना प्रयागराज में हुई है, दुखद है. सरकार ने उसका संज्ञान लिया है. मैं पूरे सदन को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं कि ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत सरकार जो कार्रवाई करती रही है, उसके तहत परिणाम भी बहुत जल्दी सामने आएंगे. लेकिन ये जो अपराधी हैं, जो माफ़िया हैं, वो किसने पाले हैं? जिस माफिया के ख़िलाफ़ पीड़ित परिवार ने FIR दायर करवाई है, क्या ये सच नहीं है कि समाजवादी पार्टी ने उन्हें सांसद बनाया था? आप अपराधियों को पालेंगे. उनका माल्यार्पण करेंगे. उसके बाद दोषारोपण करेंगे?"
इस बात पर अखिलेश यादव ने उन्हें टोका. अखिलेश ने पूछा कि वो नाम क्यों नहीं ले रहे हैं? यहां वो राजू पाल के बारे में बात कर रहे थे, जो बसपा के सदस्य थे. अखिलेश ने आरोप लगाए कि भाजपा का बसपा से गठजोड़ है, इसलिए वो उनका नाम नहीं ले रहे हैं. इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा,
"जिस अतिक़ अहमद के ख़िलाफ़ पीड़ित परिवार ने मुक़दमा दर्ज कराया, वो समाजवादी पार्टी का पोषित माफ़िया है. और इसी कमर को तोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है. इसी सदन में मैं फिर कह रहा हूं, इस माफ़िया को मिट्टी में मिला देंगे."
इसके बाद विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया. CM योगी लगातार समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते रहे कि वो पेशेवर अपराधियों और माफ़ियाओं को शह देते हैं. समाजवादी पार्टी और अतीक़ अहमद के संबंध बताए. कब-कब पार्टी ने टिकट दिया, गिना दिया. सदन में भरपूर हो-हल्ला हुआ. सपा नेताओं ने नारेबाज़ी की.
दरअसल शुक्रवार, 24 फरवरी को बसपा विधायक रहे राजू पाल (Raju Pal) के मर्डर केस के मुख्य गवाह उमेश पाल (Umesh Pal) की हत्या कर दी गई. उनकी सुरक्षा में दो गनर भी थे, जिनमें से एक की मौत हो गई है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया है.
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