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चीन के सैनिक भारत में घुस आए, हेलिकॉप्टर भी उड़ाए

ये भारत का वो इलाका है, जहां ITBP के जवान वर्दी में नहीं जाते.

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बाराहोटी
चीन के सैनिक भारत में घुस आए. इसी महीने घुसे थे. केवल जमीन पर घुसपैठ करके मन नहीं भरा, तो भारत की सीमा में 5 मिनट तक हेलिकॉप्टर भी उड़ाते रहे. बताया गया है कि ये काम बाराहोटी इलाके में 19 जुलाई को हुआ. इसके बाद अब सेना तिब्बत के साथ लगे इस 350 किलोमीटर के इलाके की सुरक्षा की जांच कर रही है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मामले को चिंताजनक बताया है. उनको उम्मीद है कि केंद्र सरकार उनकी मांग पर चौकसी बढ़ाएगी. गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि ITBP को ये मामला देखने को बोल दिया है. चीन के सैनिक भारत के हिस्से में तब दिखे, जब सिविल ड्रेस में ITBP वालों के साथ राज्य सरकार के अधिकारी बाराहोटी गए. इन लोगों को चीन के सैनिकों ने वापस जाने को कह दिया और बोला कि ये जमीन उनकी है. फिर पाया गया कि चीन का एक हेलिकॉप्टर मंडरा रहा है. 5 मिनट तक घूमने के बाद वो लौट गया. लोगों को लगा कि वो फोटो ले रहा था. बाराहोटी बॉर्डर की उन 3 पोस्ट्स में से एक है, जहां ITBP के जवानों को अपने हथियार ले जाने की इजाजत नहीं है, क्योंकि जून 2000 में सरकार ने ऐसा एकतरफा फैसला किया था. 1958 में भारत और चीन ने बाराहोटी में 80 किलोमीटर के इलाके को विवादित माना था और तय किया था कि यहां कोई भी अपने सैनिक नहीं भेजेगा. 1962 की लड़ाई में चीन की सेना बॉर्डर के बीच वाले 545 किलोमीटर के हिस्से में नहीं घुसी. उसने पश्चिमी यानी लद्दाख और पूर्वी यानी अरुणाचल प्रदेश वाले हिस्सों पर ध्यान लगाया था. लेकिन 1962 की लड़ाई के बाद ITBP के जवान हथियारों के साथ, लेकिन गैर-जंगी तरीके से इस इलाके में गश्त करने लगे. इसमें उनकी बंदूक की नली नीचे की तरफ रहती थी. सीमा विवाद सुलझाने के चक्कर में जून 2000 में भारत ने फैसला किया कि उसके जवान उत्तराखंड के बाराहोटी और हिमाचल प्रदेश के कौरिक और शिपकी ला में हथियार नहीं रखेंगे. वहां ITBP वाले सिविल ड्रेस में वहां जाते हैं. भारत के लोग उस इलाके में अपनी भेड़ें चराते हैं और तिब्बत वाले अपने याक ले आते हैं.

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