देखोगे तो यही कहोगे, ऐसा इंडिया में क्यों नहीं हो जाता
भारत में जब भी ऐसा कोई वीडियो सामने आता है, जिसमें राजनीति से जुड़े कुछ लोग हों तो अक्सर ही वो सेक्स सीडी होती है. हम कभी ऐसी बातों को निकालकर सामने क्यों नहीं लाते. और अक्सर ये देखने में भी आता है कि या तो जो सीडी में हम देखते हैं वो सहमति से सेक्स होता है या फिर पेड सेक्स. कभी भी उसमें रेप जैसा मामला नहीं होता. फिर जबरदस्ती इस सीडी पर नैतिकता के हिसाब से गेम खेला जाता है. इसलिए हमें जरूरत है कि सीडियां और वीडियो फुटेज जरूर सामने आएं पर सेक्स सीडी नहीं बल्कि ऐसे पॉलिटिकल खुलासे करने वाले.पावर का मिसयूज पहले हुआ या अब
वैसे ये डॉक्यूमेंट्री प्रेसीडेंट शी जिनपिंग के अपनी पार्टी के अंदर करप्शन के साथ सख्ती से निपटने के वादे के बाद आई है. शी ने हर लेवल के करप्शन को खत्म करने की बात कही थी. कहा था चाहे वो पॉवरफुल टाइगर हो या छोटी मक्खी, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा. जबकि आलोचना करने वालों का कहना है कि इस शो में ट्रांसपेरेंसी की कमी है. इस तरीके से शी जिनपिंग के अपने दुश्मनों को एक-एक कर राह से हटाने का काम कर रहे हैं. रॉयटर्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि वो इस शो में दिखाए जाने वाले लोगों के परिवारों या उनके वकीलों तक पहुंच पाने में नाकाम रही है. दरअसल रॉयटर्स इन लोगों से बात इसलिए करना चाहती है ताकि ये बात पक्की की जा सके कि अधिकारी ऐसा अपने मर्जी से कर रहे हैं, किसी के दबाव में नहीं.बड़े-बड़े अफसर आ रहे हैं टीवी पर
पहले एपिसोड में घूस लेने और अपनी पावर का मिसयूज करने के मामले में तीन लोगों को पहले एपिसोड में दिखाया गया. ये हैं - बाई इन्पाई, जो एक पूर्व पार्टी बॉस हैं, उनको उम्रकैद की सजा मिली हुई है. झाउ बेंसुन, एक पूर्व पार्टी चीफ हैं जिनके ऊपर मुकदमा चल रहा है. और ली चुंचेंग, जो एक पूर्व डिप्टी पार्टी चीफ हैं, जिनको 13 साल जेल की सजा मिली है. झाउ टेलीकास्ट हुए वीडियो में करप्शन की बात तक ही सीमित नहीं रहे हैं बल्कि इस अफसर ने ये भी बताया कि पार्टी कानून के खिलाफ होने के बावजूद कैसे उन्होंने रिलीजियस आधार पर गलत काम किए. हालांकि इस 2015 की करप्शन इंडेक्स के हिसाब से चीन भारत से कम करप्शन के मामले में पीछे है. इंडिया 2015 में करप्शन कम होने के मामले में 76वें नंबर पर था और चीन 83वें नंबर पर.ये भी पढ़ें -










