छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh police) ने नारायणपुर ज़िले में 5 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया है. एक सीनियर पुलिस अफ़सर ने बताया कि नक्सलियों के साथ ये मुठभेड़ अबूझमाड़ के कोहकामेटा थाना क्षेत्र के जंगल में हुई है (Five Maoists were killed in encounter with security forces). ये एक पहाड़ी जंगल का इलाक़ा है. घटना उस समय हुई, जब अलग-अलग सुरक्षा बलों के जवानों की एक जॉइंट टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान शामिल थे.
छत्तीसगढ़ में नक्सली मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने किया 5 नक्सलियों के एनकाउंटर का दावा
ताज़ा मुठभेड़ के साथ ही Chhattisgarh में इस साल अब तक security forces के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में 138 नक्सली मारे जाने का दावा किया जा चुका है. इनमें से 136 Bastar Division में मारे गए.


घटना 2 जुलाई की है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ वाली जगह से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. जब जवान जंगल में पहुंचे, तो मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस अफ़सर ने बताया,
"पुलिस कार्रवाई में 5 नक्सलियों की मौत हुई है. इलाक़े में अभी भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. इसकी विस्तृत जानकारी आनी अभी बाक़ी है."
बता दें, इस ताज़ा मामले के बाद राज्य में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में इस साल 138 नक्सली मारे जा चुके हैं. इनमें बस्तर संभाग में 136 और रायपुर संभाग में 2 नक्सली शामिल हैं. बस्तर संभाग में 7 ज़िले और रायपुर संभाग में 5 ज़िले. इससे पहले 15 जून को भी नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़ की ख़बर आई थी. इस मुठभेड़ में पुलिस ने 8 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया था. साथ ही एक जवान के शहीद होने की भी ख़बर थी. ये घटना नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर और दंतेवाड़ा के जिला रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स के संयुक्त रूप से चलाए गए एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान हुई थी.
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7 जून को भी नारायणपुर-दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाक़े में नक्सलियों और पुलिस की मुठभेड़ हुई थी. इसमें पुलिस द्वारा 7 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया गया था. जबकि DRG के तीन जवान भी घटना में घायल हो गए थे. बताया गया कि जवानों को ईस्ट बस्तर डिवीजन इलाक़े के एक गांव में कई नक्सलियों के होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद जवानों को एंटी नक्सल अभियान के लिए भेजा गया था.
बीते दिनों बस्तर पुलिस ने दावा किया था कि इस साल सबसे ज़्यादा नक्सली मारे गए हैं. पुलिस ने बताया कि 2000 में छत्तीसगढ़ की स्थापना के बाद से किसी एक साल में सबसे ज़्यादा नक्सलियों की मौत है. जबकि अभी साल के 6 महीने ही बीते हैं.
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