पुजारा टीम को 41-4 से 250-9 पर ले गए.
ए़डिलेड टेस्ट का पहला दिन दो बातों के लिए याद रखा जाएगा. पहली ये कि इंडिया का टॉप बैटिंग ऑर्डर ध्वस्त हो गया. दूसरा ये कि इसी बैटिंग ऑर्डर में चेतेश्वर पुजारा ने नाक बचा ली. दिन के पहले सेशन में 41 के स्कोर पर 4 विकेट गिर चुके थे और लंच के बाद भी विकेट गिरते रहे. मगर एक छोर पर चेतेश्वर पुजारा ने हथियार नहीं डाले और टीम के स्कोर को दिन खत्म होने तक 250 तक ले गए. पुजारा 123 रन बनाकर रन आउट हुए मगर तब तक इंडिया के लिए थोड़ा सम्मानजनक स्कोर बन चुका था. इंडिया ने अपने 5 विकेट खराब शॉट्स खेलते हुए गंवाए. चेतेश्वर पुजारा की इस शानदार पारी का अंदाजा इस बात से लगाइए कि बाकियों ने कितने रन बनाए. ये एडिलेड की वो पिच है जो बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है. शुरू का एक घंटा क्रीज पर निकाल दीजिए और फिर रन बनाना आसान रहता है. मगर केएल राहुल ने 2 रन, मुरली विजय ने 11 रन, विराट कोहली ने 3 रन, रहाणे ने 13 रन, रोहित शर्मा ने 37, ऋषभ पंत ने 25, आर अश्विन ने 25, इशांत शर्मा ने 4 रन बनाए. यानी इन 8 बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर 120 रन बनाए हैं. वहीं अकेले पुजारा ने 246 गेंदें फेस कीं और 123 रन जोड़े. 7 चौके और 2 छ्क्के भी लगाए.
जब पुजारा ने 90 का स्कोर क्रॉस किया तो दो गेंदों पर छक्का और चौका जड़ा. फिर दो रन भागकर ये सेंचुरी पूरी की. 65वें टेस्ट मैच में पुजारा की ये 16वीं सेंचुरी है. टेस्ट में सेंचुरी मारने के मामले में पुजारा ने सौरव गांगुली की बराबरी कर ली है. गांगुली के नाम भी 16 टेस्ट सेंचुरी हैं. चेतेश्वर की ऑस्ट्रेलिया में ये पहली सेचुरी है. इसी के साथ ही पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे कर लिए हैं. ऐसा करने वाले वो 12वें इंडियन बैट्समैन हैं. 30 साल के पुजारा ने ये कीर्तिमान अपनी 108वीं टेस्ट पारी में रचा है और राहुल द्रविड़ ने भी अपने 5000 रनों के लिए इतनी ही पारियां ली थीं. पुजारा का इस दौरान 50.55 का औसत रहा है जो काफी इम्प्रेसिव है. वैसे आज तक के क्रिकेट इतिहास में इंडिया की तरफ से ये पहली बार हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के ओपनिंग डे में ही किसी ने इतनी बड़ी पारी खेली हो.
पुजारा ने इस दौरान चार जरूरी पार्टनरशिप्स कीं. पहले रोहित शर्मा के साथ 45 रन जोड़े, फिर ऋषभ पंत के साथ 41 रनों की पार्टनरशिप की मगर आर अश्विन के साथ सबसे महत्वपूर्ण साझेदारी हुई 62 रन की जिससे इंडिया के स्कोर में थोड़ी जान आई. आखिर में आउट होने से पहले मोहम्मद शमी के साथ पुजारा ने 40 रन और जोडे़. इंडिया के पास एक विकेट बचा है. पहली पारी में अगर 250 का स्कोर भी रहा तो भी इंडिया इस कॉन्फिडेंस में तो रहेगी ही कि मैच अभी हाथ से निकला नहीं है. साथ ही पुजारा की इस पारी से बाकियों को भी ये सबक लेने की जरूरत है कि ये टेस्ट क्रिकेट है भाई, यहां आपकी स्किल और स्पीड दोनों का टेस्ट होता है. डिफेंसिव होकर खेलना, ओल्ड स्कूल बिल्कुल नहीं है. इस शतक के लिए शुक्रिया चेतेश्वर.
ट्विटर पर पुजारा की इस पारी को खूब सराहा जा रहा है-
