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मेट्रो में 'म्यूज़िक शो' हुआ तो ओमिक्रॉन से घबराए ट्विटर यूजर्स ने क्लास लगा दी

कुछ ने तो इस 'मेट्रो कॉन्सर्ट' को उपद्रव तक बता दिया

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चेन्नई मेट्रो के अंदर म्यूजिक बजाते यात्री, फोटो साभार-Twitter/anupr3
चेन्नई मेट्रो का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इसमें गिटार और दूसरे बाजों के साथ दो लोग म्यूजिक जैमिंग करते नजर आ रहे हैं. वो एआर रहमान का एक गाना बजा रहे हैं. वहां मौजूद लोग भी उनका साथ दे रहे हैं. कोई गाना गा रहा है तो कोई मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है. सब झूमते-गाते नजर आ रहे हैं. वीडियो देखकर साफ लग रहा है कि पूरी मेट्रो न सही लेकिन उस कोच के यात्री इस म्यूजिकल सेशन को काफी एंजॉय कर रहे हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर ये वीडियो देखकर कुछ यूजर्स भड़क गए. क्यों? ये जानने से पहले 'मेट्रो कॉन्सर्ट' का वो वीडियो देख लीजिए. सोशल मीडिया की 'दो राय' इस वीडियो को ट्विटर पर अनूप नाम के यूजर ने शेयर किया है. दो लाख अस्सी हज़ार से ज़्यादा लोग इसे देख चुके हैं. कुछ ने इसे यात्रा के दौरान अच्छा टाइम पास बताया, कुछ ने लिखा कि काश वो भी इस दौरान वहां होते तो एंजॉय कर पाते. लेकिन, एक खेमे को ये वीडियो खटक गया. कारण था कोरोना महामारी. ओमिक्रॉन के पसरते पैर के बीच यहां लोगों की सोशल डिस्टेंसिंग छूमंतर दिखी. वीडियो में कई लोग बिना मास्क के भी नजर आ रहे हैं. इसी कारण वीडियो के रंग में भंग पड़ गया और लोगों ने इस मेट्रो कॉन्सर्ट की जमकर क्लास लगा दी. नटराजन नाम के यूजर ने लिखा,
इतने पास खड़े होने पर भी मास्क नहीं मुंह खोलकर जोर से गा रहे हैं! शानदार!
हरीश ने चेन्नई मेट्रो के आधिकारिक अकाउंट को टैग करते हुए पूछा,
अच्छी पहल है. परफॉर्मेंस भी. लेकिन लगता है इनके लिए महामारी खत्म हो गई है. मास्क कहां है? अब कोई नियम नहीं?
एक और यूजर बृज सिंह ने इसे कोरोना संक्रमण का कारण बताते हुए लिखा,
यही कारण है कि चेन्नई में शुरुआत से ही (कोरोना के) अधिकतम मामले हैं.
  एक और खेमा है, जिसे मेट्रो में इस तरह गाना बजाना सिर्फ कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं, बल्कि पब्लिक न्यूसेंस (यानी सार्वजनिक उपद्रव) लगा. ऐसे ही एक यूजर रामू ने लिखा,
न्यूसेंस, यात्रियों के लिए परेशानी. ये लोग ये परफॉमेंस ट्रेन की बजाय स्टेशनों पर क्यों नहीं करते?
वेलायुधाम ने चेन्नई मेट्रो से पूछा कि क्या ये आयोजन उनका आधिकारिक प्रोग्राम है? उन्होंने कहा,
चेन्नई मेट्रो अगर ये आपका आधिकारिक प्रोग्राम है तो ठीक है. लेकिन अगर नहीं, तो इन लोगों को इस तरह का पब्लिक न्यूसेंस करने की अनुमति किसने दी जहां बुजुर्ग और छोटे बच्चे यात्रा करते हैं. क्या आप इसी तरह का आराम अपने यात्रियों को उपलब्ध कराते हैं? कृपया इन पर एक्शन लें.
वैसे चेन्नई मेट्रो में इस तरह का नजारा पहले भी देखने को मिला है. इस वीडियो की जांच करते हुए हमें न्यूज़18 की ख़बर से चेन्नई मेट्रो के एक तीन साल पुराने वीडियो का पता चला जिसमें ऐसे ही छोटा म्यूजिकल जैम सा चल रहा था. चेन्नई मेट्रो ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर उस वीडियो को साझा किया था. उनके कैप्शन से लग रहा था वे इस तरह की परफॉमेंस को प्रोत्साहित कर रहे हैं. पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, 'चेन्नई मेट्रो में सभी के लिए म्यूजिक.' हालांकि अब तो देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए लोगों के इकट्ठा होने पर भी पाबंदी लगाई जा रही है.

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