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महुआ मोइत्रा की मुश्किल बढ़ने वाली है? अब CBI ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी

जवाब में महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा- उम्मीद है कि उन्हें निशाना बनाने से पहले CBI 13 हजार करोड़ रुपये के 'अडानी कोयला घोटाले' में प्रारंभिक जांच करेगी.

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महुआ मोइत्रा के खिलाफ संसद की एथिक्स कमिटी ने भी जांच की है (तस्वीर:PTI)

पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब लोकपाल के आदेश पर सीबीआई ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. इस प्रारंभिक जांच में अगर कोई सबूत मिला तो महुआ के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

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प्रारंभिक जांच के दौरान सीबीआई किसी तरह के छापे नहीं मार सकती. न ही कोई गिरफ्तारी कर सकती है. पर सीबीआई इस दौरान जानकारी जुटाने, दस्तावेजों की जांच करने और महुआ मोइत्रा से पूछताछ कर सकती है.

इस मामले में सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट के एक वकील जय अनंत देहाद्राई ने शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया था कि महुआ मोइत्रा ने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली. इस रिश्वत के बदले उन्होंने पार्लियामेंट में सवाल पूछे. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी मोइत्रा के खिलाफ शिकायत लेकर लोकपाल के पास गए थे.

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महुआ मोइत्रा ने क्या बोला?

इधर सीबीआई ने अपनी जांच शुरू की तो महुआ मोइत्रा ने भी प्रतिक्रिया दी. महुआ ने कहा कि वो इस फैसले से हैरान हैं. एक ऐसी बॉडी ने उनका केस सीबीआई को भेजा, जिसका कोई चेयरमैन ही नहीं है. महुआ ने एक्स पर लिखा कि एक आरटीआई (Right To Information) में पता चला था कि मई 2022 से लोकपाल का कोई चैयरपर्सन नहीं है. इसके आठ सदस्यों में से तीन के पद भी खाली हैं.

इस कार्रवाई के बाद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर अडानी ग्रुप को निशाने पर लिया. महुआ ने एक्स पर ही एक पोस्ट में लिखा, 

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"न तो लोकपाल ने लोकपाल कानून के तहत अपनी वेबसाइट पर ऐसा कोई आदेश अपलोड किया है और न ही CBI ने आधिकारिक रूप से कुछ कहा है. उम्मीद है कि मुझे निशाना बनाने से पहले सीबीआई 13 हजार करोड़ रुपये के 'अडानी कोयला घोटाले' में प्रारंभिक जांच करेगी."

हालांकि ये बात सही है कि अब तक लोकपाल या सीबीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

महुआ मोइत्रा स्वीकार कर चुकी हैं कि उन्होंने अपना संसद वाला लॉग-इन और पासवर्ड बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी को दिया था. हालांकि उन्होंने इसके लिए पैसे या गिफ्ट लेने वाली बात से इनकार किया है. संसद की एथिक्स कमिटी भी उन पर लगे आरोपों की जांच कर चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने की सिफारिश की थी.

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