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UCO बैंक से 820 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का मामला, CBI ने 67 जगहों पर छापेमारी के बाद क्या बताया?

सीबीआई के मुताबिक, 7 निजी बैंकों के लगभग 14,600 खाताधारकों से किए गए IMPS लेनदेन को गलत तरीके से यूको बैंक के 41,000 खाताधारकों के अकाउंट में डाल दिया गया. इसके बाद UCO बैंक के खातों में 820 करोड़ रुपये क्रेडिट हो गए.

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राजस्थान और महाराष्ट्र में सीबीआई की छापेमारी. ( फोटो- आज तक )

CBI ने सरकारी क्षेत्र के UCO बैंक से जुड़े संदिग्ध IMPS (तत्काल भुगतान सेवा) ट्रांजेक्शन केस में कई जगहों पर छापेमारी की है. ये मामला 820 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन से जुड़ा है. राजस्थान और महाराष्ट्र के 7 शहरों में सर्च अभियान चलाया. इन शहरों में जांच एजेंसी ने कुल 67 जगहों पर छापेमारी की. पिछले साल नवंबर में यूको बैंक ने इन संदिग्ध ट्रांजेक्शन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. 

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सीबीआई ने पिछले साल 21 नवंबर को केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी. दोनों राज्यों में इस सर्च अभियान में कुल 40 टीम लगी थी. इसमें कुल 330 पुलिसकर्मी शामिल थे.

820 करोड़ की कथित धोखाधड़ी

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला 8,53,049 से ज्यादा IMPS लेन-देन से जुड़ा है. ये ट्रांजेक्शन्स पिछले साल 10 से 13 नवंबर के बीच हुए थे.

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CBI ने एक बयान में बताया कि 7 निजी बैंकों के लगभग 14,600 खाताधारकों से किए गए IMPS लेनदेन को गलत तरीके से यूको बैंक के 41,000 खाताधारकों के अकाउंट में डाल दिया गया. इसके बाद UCO बैंक के खातों में 820 करोड़ रुपये क्रेडिट हो गए. CBI का सर्च ऑपरेशन उन लोगों को लेकर चलाया गया, जिनके पास पैसे आए थे लेकिन बैंक को वापस नहीं हुए.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई खाताधारकों ने इसका फायदा उठाया है. साथ ही कई बैंकिंग चैनलों के जरिए इन पैसों को निकालकर गलत लाभ कमाया गया. FIR के मुताबिक, IMPS के पोर्ट नंबर में बदलाव कर 10 नवंबर से 13 नवंबर 2023 के बीच 820 करोड़ की कथित धोखाधड़ी की गई थी.

41,296 बैंक खातों का इस्तेमाल

FIR में दावा किया गया है कि केवल 72 घंटों में 35 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 8,53,049 ट्रांजेक्शन के जरिये 820 करोड़ रुपये निकाले गए. इसमें 41,296 बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ.

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CBI के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान UCO बैंक और आईडीएफसी से संबंधित लगभग 130 दस्तावेज, 43 डिजिटल डिवाइस (जिसमें 40 मोबाइल फोन, दो हार्ड डिस्क और एक इंटरनेट डोंगल शामिल हैं) जब्त किए गए हैं. इसके अलावा 30 संदिग्धों से पूछताछ भी की गई.

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ऐप के इंजीनियर्स पर गिरी गाज

आजतक से जुड़े मुनीश पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने मेसर्स एलकोड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के सपोर्ट इंजीनियर अविषेक श्रीवास्तव और सुप्रिया मल्लिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. UCO बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप का रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं के हाथों में थी. 

CBI ने पिछले साल दिसंबर में मामले से जुड़े आरोपियों, बैंक अधिकारियों सहित कई लोगों के ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया था. पश्चिम बंगाल में कोलकाता और कर्नाटक में मैंगलोर सहित 13 जगहों पर छापेमारी हुई थी. तलाशी के दौरान, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल और डेबिट/क्रेडिट कार्ड सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए.

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