7 साल का विनी अभी तक कैंसर पीड़ितों के विग बनाने को अपने बाल दिया करता था. अब पता चला है उसे खुद फोर्थ स्टेज सीरियस कैंसर है. बच्चा फिर भी मुस्कुरा रहा है. उसके मां-बाप भी. विनी की मां कैंसर पीड़ितों के लिए विग बनाती है जब विनी ने अपनी मां से पूछा आप क्या काम करती हो? तो उसे जो जवाब मिला उससे उसे मालूम चला कि कैंसर किस बला का नाम है. विनी की मां अमांडा अजेवेड़ो एक हेयर स्टाइलिस्ट हैं. और लिम्फोमा फाउंडेशन के साथ मिलकर कैंसर से पीड़ितों के लिए विग बनाने का काम करती हैं. बड़ी मुश्किल से वो अपने छोटे से बेटे को कैंसर की सीरियसनेस के बारे में समझा सकीं. उन्होंने अपने बेटे को बताया कि कैंसर के इलाज के बाद लोगों के बाल झड़ जाते हैं. और ये बात जवान औरतों के लिए तो बहुत ही ज्यादा मुश्किल होती है. इसलिए वो ऐसे कैंसर के मरीजों के लिए नकली बालों की विग बनाती हैं.
विनी का मजाक उड़ाया गया
मां के काम को सुनकर छोटा विनी इमोशनल हो गया. उसने तय किया कि वो भी ऐसे पेशेंट्स की मदद करने के लिए बालों को बढ़ाएगा. अगले दो साल तक विनी ने बाल बढ़ाये. इस दौरान उसे कई बार लड़की समझ लिया जाता था. लोग उसका मजाक उड़ाया करते थे. नन्हा विनी अपने टूटे हुए दांतों के बीच मुस्कुराते हुए जवाब देता 'मैं लड़का हूं.' स्कूल से लेके खेल के मैदान तक सारे लड़के उसका मजाक उड़ाते.
बनना चाहता था किसान
पिछले हफ्ते वाशिंगटन पोस्ट से विनी के बारे में उसके पिता ने बात की. जेसन डेसौटेल्स ने कहा कि इन सारी बातों को विनी ने बहुत ही अच्छी तरीके से संभाला है. उन्होंने विनी को एक चैम्पियन कहा. विनी पर दूसरों के द्वारा उड़ाये जा रहे उसके मज़ाक का कोई भी असर नहीं हुआ. वो बेफ़िक्री से अपने बाल बढ़ाता गया. उसे भी दूसरे लड़कों की तरह फुटबाल और टी-बॉल खेलने में मजा आता है. पोकेमॉन और वीडियो गेम्स के लिए विनी भी पागल है. उसकी मां बताती है जब 4 साल की उम्र में विनी पढ़ने गया तो दूसरे साथियों से उम्र में कम था. पर एनर्जी में सबसे आगे. बड़ा होकर विनी अपने दादा जी कि तरह बड़ा किसान बनना चाहता है जो पास के ही एक गांव में रहते हैं और जानवर पालते हैं.
अचानक आंख में आने लगी सूजन
मार्च तक जब विनी के बाल 13 इंच बढ़ चुके थे. उसकी मां उसे एक सैलून में ले गई और उसने खुशी-खुशी अपने बाल कटवाए. अब उसकी छोटी सी खोपड़ी पर बीचों-बीच थोड़े से बाल बचे थे. उसके कटे हुए बाल एक लिफाफे में पैक करके बच्चों के लिए विग बनाने को भेज दिए गए.उसके पापा जेसन बताते हैं- तब तक वो एकदम मस्त था. सब सही चल रहा था कि अचानक विनी की दाईं आंख में सूजन आने लगी. हमने सोचा कि मौसम बदल रहा है और एलर्जी के कारण ऐसा हो रहा है.
घुटनों में भी होने लगा दर्द
इस पर ज्यादा ध्यान न देते हुए हमने फैमिली के बाल रोग विशेषज्ञ की बताई आई-ड्रॉप्स और बेनाड्रिल दवा के सहारे काम चलाया. हफ्ते गुज़र गए पर सूजन में कोई कमी नहीं आई. सूजन बढ़ती ही गई तो हमें लगा कि उसकी आंखों में इंफेक्शन हो गया है. हम 29 अप्रैल को आंखों के डॉक्टर से मिलने जाने ही वाले थे कि इससे एक दिन पहले विनी स्कूल से आया और उसने कहा कि उसके घुटनों में तेज दर्द है. हमें लगा कि जिम या स्कूल की छुट्टी के वक़्त गिर जाने के कारण उसे चोट लग गयी होगी. पर जब उसने मना किया तो हमने इसे भी उसकी आंखों के दर्द के साथ जोड़कर देखा.
रेयर कैंसर का पता चला
थोड़ी देर बाद जब विनी नहाने जा रहा था तो उसकी मां ने उसके दायें कूल्हे के ऊपर सूजन देखी. उनकी चिंता बढ़ गई. जिसके बाद वे उसे इमरजेंसी रूम ले गए. जहां एक्सरे के दौरान उसकी कूल्हे की हड्डी से चिपके एक ट्यूमर का पता चला. डॉक्टर ने उन्हें कुछ और टेस्ट कराने को कहा. मां-बाप रात भर अपने बेटे को लेकर हॉस्पिटल में ही रुके रहे. जहां उसके और भी टेस्ट हुए. और सवेरे 8 बजे उन्हें आंखों के एक डॉक्टर ने बताया कि विनी की आंख के ऊपर की सूजन भी असल में एक ट्यूमर है. सारी जांचों के बाद पता चला कि जो नन्हा सा बच्चा कैंसर पीड़ितों के लिए अपने बाल दिया करता था उसे खुद भी कैंसर है.
मंगलवार से शुरू होगा कीमो
उसके परिवार ने हॉस्पिटल में लंबा वक्त गुजारने की तैयारी कर ली. विनी की कीमोथेरपी शुरू हो चुकी है. ट्यूमर की वजह से उसकी दायीं आंख पूरी तरह बंद है. विनी को दोबारा से कैंसर के बारे में बताया गया. इस बार उन सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिए, जो उन बच्चों के लिए काम करते हैं जिन्हें कैंसर हुआ हो. उन्होंने विनी को बताया कि कैंसर के सेल साधारण सेल के तरह नहीं होते. ऐसे सेल बढ़ते हुए नहीं जानते कि उन्हें कब रुकना है. वो बस बढ़ते ही जाते हैं.
बहुत पॉज़िटिव है विनी
विनी के पापा जेसन कहते हैं परिवार भाग्य के बुरे दौर से गुजर रहा है. जब हम विनी से मुस्कुराकर कहते हैं बेटा सब ठीक हो जायेगा. तुम एकदम अच्छे हो जाओगे तो वो भी बिल्कुल हमारी ही तरह मुस्कुरा रहा होता है. हमारी तरह विनी भी पक्का आशावादी है. पर ये बहुत मुश्किल भी है.
'गो फंड मी कैंपेन' के जरिए परिवार मांग रहा है मदद
परिवार
'गो फंड मी कैंपेन' के ज़रिए मदद की मांग कर रहा है. मां अमांडा तीसरी बार प्रेग्नेंट हैं और उन्होंने विनी का ख्याल रखने के लिए अपनी सैलून की जॉब भी छोड़ दी है. उसके पिता जेसन ने भी अपनी नौकरी से छुट्टी ले ली है जो एक हार्डवेयर कंपनी में काम करते हैं. उसके पिता जेसन सात साल तक अमेरिकी सेना में रहे हैं. उन्होंने ईराक की लड़ाई में भी अमेरिका की ओर से भाग लिया था. उनका कहना है कि मैं ईराक में फजलुल्लाह की दूसरी लड़ाई में भी शामिल था जो ईराक की सबसे खूनी लड़ाई थी. पर वहां भी कुछ इतना दर्दनाक नहीं हुआ था, जितना ये है.