कानपुर आईजी ने बताया कि घटनास्थल पर हड्डियां बिखरी हुई हैं. मरनेवालों की पहचान डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भयंकर सड़क हादसा हुआ है. 10 जनवरी, 2020 की रात 9:30 बजे जीटी रोड हाइवे पर एक डबल डेकर बस और एक ट्रक में टक्कर हो गई. इस टक्कर के बाद बस में आग लग गई. हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई. वहीं 21 लोग घायल हुए हैं. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई लोगों ने बस का शीशा तोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन बहुत कम लोग ऐसा करने में सफल हो पाए. बस गुरसहायगंज से जयपुर जा रही थी. इस बस में लगभग 50 लोग सवार थे. आग लगने के बाद वे भाग पाने में असमर्थ थे. घटना के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्नौज के डीएम और एसपी को घटनास्थल पर पहुंचकर मदद करने का निर्देश दिया था. सीएम ने घायलों के लिए 50 हजार जबकि मरने वालों के परिवारवालों के लिए 2 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा भी की है. पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा कि कन्नौज में हुए हादसे से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है. पीएम मोदी ने मरनेवालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द-से-जल्द ठीक होने की कामना की है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट किया,
कन्नौज में सड़क हादसे में बस और ट्रक के टक्कर में लगी भीषण आग से 20 लोगों की मौत और अनेक लोगों के घायल होने की खबर से आहत हूं. मृतकों के परिवार के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.
कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया,
25 यात्रियों को बचाया गया है. 12 को इलाज के लिए तिरवा मेडिकल कॉलेज और 11 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि दो यात्री पूरी तरह सुरक्षित थे, जिन्हें घर भेज दिया गया. 18 से 20 यात्री लापता हैं. हो सकता है कि उनकी मौत हो गई हो, लेकिन यह अभी निश्चित नहीं है.
IG (Kanpur range) Mohit Agarwal: The bodies are badly burned, their bones are scattered,so only a DNA test will determine the death toll. Prima facie bodies of 8-10 people seem to be on the bus but the damage is so extensive that casualties can be determined only through DNA test
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आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि शव को पहचानना मुश्किल है. उनकी हड्डियां बिखरी हुई हैं. कितने लोगों की मौत हुई है, अब केवल डीएनए टेस्ट के बाद ही यह बताया जा सकेगा. पहली बार में देखने पर ऐसा लगता है कि बस में 8 से 10 लोगों की लाशें हैं, लेकिन बस को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. ऐसे में मौत का आंकड़ा डीएनए टेस्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकता है
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