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'राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मरने वाले बच्चों पर प्रियंका गांधी क्यों चुप हैं?'

मायावती ने कांग्रेस सरकार को असंवेदनशील बताते हुए प्रियंका पर निशाना साधा.

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मायवती ने प्रियंका को कांग्रेस शासित राजस्थान में जाने और कोटा में मर रहे नवजातों के परिवार से मिलने की चुनौती दी है.
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने प्रियंका गांधी को चुनौती दी है. बिना सीधा नाम लिए. कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा में हो रही नवजातों की मौत पर मायावती ने गहलोत सरकार को घेरा है. उन्होंने गहलोत सरकार को उदासीन, असंवेदनशील और गैर- ज़िम्मेदार बताया है. कोटा में 1 महीने के अंदर 100 से ज़्यादा नवजातों की मौत हो चुकी है. मायावती ने कांग्रेस पार्टी की महासचिव और उत्तर प्रदेश में पार्टी का कामकाज देख रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा पर सवाल खड़े किए हैं. मायावती ने बिना नाम लिए कहा कि कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव (प्रियंका) का कोटा में हो रही मौतों पर चुप्पी साधे रखना दुखद है. 'यूपी की जनता सतर्क रहे' मायावती ने कहा, यदि कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की 'मांओं' से नहीं मिलती हैं, तो यू.पी. में पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल इनका यह राजनैतिक स्वार्थ व कोरी नाटकबाजी ही मानी जायेगी. जिससे यू.पी. की जनता को सर्तक रहना है. दरअसल, CAA-NRC प्रोटेस्ट के दौरान यूपी में 19 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रियंका गांधी इन पीड़ित परिवारों से मिलने गई थीं. बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके योगी सरकार पर निशाना साधा था. प्रियंका ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बारे में कहा था,
‘ये कृष्ण भगवान का देश है, भगवान राम का देश हैं. दोनों करुणा के प्रतीक हैं. यहां ऐसा हुआ. देश की आत्मा में हिंसा की जरूरत नहीं है. जब कृष्ण ने अर्जुन को प्रवचन दिया, तब उन्होंने बदले और रंज की बात नहीं की थी. उन्होंने करुणा और सत्य की भावना उभारी थी. यूपी के सीएम ने योगी के वस्त्र धारण किए हैं. भगवा धारण किए हैं. ये भगवा आपका नहीं है. ये भगवा हिंदुस्तान की धार्मिक आत्मा का प्रतीक है. हिंदू धर्म का प्रतीक है. उस धर्म में बदले की भावना और हिंसा की जगह नहीं है.’
योगी के ऑफिस की ओर से प्रियंका के बयान पर जवाबी ट्वीट किया गया. इसमें कहा कि
विरासत में राजनीति पाने वाले और देश को भुला कर तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले लोक सेवा का अर्थ क्या समझेंगे ?
2019 के लोकसभा चुनाव में SP-BSP ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था. तब मायावती ने कहा था कि सोनिया और राहुल बड़े नेता हैं. हम इनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. ताकि ये यहीं फंसे न रह जाएं. प्रियंका की उत्तर प्रदेश में बढ़ती मौजूदगी के बाद BSP की ओर से ये पहला बड़ा बयान है. जिसमें सीधे तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की राजनीति को नाटकबाजी करार दिया है.
वीडियो- कोटा में दो दिन में 10 बच्चों की मौत हो गई, वजह डॉक्टरों की लापरवाही नहीं है

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