बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में बृजेश ठाकुर को दोषी पाया गया है. दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ब्रजेश समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया है. ब्रजेश पर नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के आरोप थे, जिन्हें कोर्ट ने सही पाया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सुनवाई साकेत कोर्ट में पूरी हुई है. इस केस में सजा का ऐलान अभी नहीं हुआ है. सजा पर बहस के लिए 28 जनवरी की तारीख तय की गई है.
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों के यौन शोषण मामले में ब्रजेश ठाकुर दोषी करार
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सुनाया फैसला.


क्या है मामला?
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (TISS) की एक टीम ने इस शेल्टर होम पर एक रिपोर्ट तैयार की थी. टीम ने ये रिपोर्ट 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को सौंपी थी. रिपोर्ट में ये बात सामने आई थी कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रहने वाली नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया जा रहा है. ये बात उजागर होने के बाद सरकार ने उस शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करवा दिया.
31 मई, 2018 को इस मामले में FIR हुई. ब्रजेश ठाकुर, जो बिहार पीपुल्स पार्टी से विधायक भी रह चुका है, शेल्टर होम का चीफ था. उसे इस केस में मुख्य आरोपी बनाया गया था.
इस मामले में साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत 20 लोगों के खिलाफ पॉक्सो, रेप, आपराधिक साजिश जैसी धाराओं में आरोप तय किए थे. CBI ने भी बृजेश ठाकुर को ही मुख्य आरोपी बनाया था. CBI ने कोर्ट में दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में बताया कि जिस शेल्टर होम में बच्चियों का रेप होता था, उसको ब्रजेश ठाकुर ही चला रहा था.
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