अफ्रीकी देश बोत्सवाना एक नया ‘गोल्डन पासपोर्ट’ जारी करने करने जा रहा है. इसके तहत विदेशी नागरिक एक बार में अधिकतम 1 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) का निवेश करके बोत्सवाना की नागरिकता हासिल कर सकेंगे. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में आवेदन करने वालों में जिन तीन देशों के लोग सबसे आगे हैं, उनमें भारतीय भी शामिल हैं.
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बोत्सवाना की नई ‘गोल्डन पासपोर्ट’ योजना में आवेदन करने वालों में जिन तीन देशों के लोग सबसे आगे हैं, उनमें भारतीय भी शामिल हैं.
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आर्टन कैपिटल नाम की एक वित्तीय सलाहकार कंपनी इस योजना का प्रचार कर रही है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरमांड आर्टन ने बताया कि अब तक करीब 1,000 लोगों ने इस योजना में शामिल होने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा आवेदन अमेरिका, जिम्बाब्वे और भारत से आए हैं.
हालांकि, यह गोल्डन पासपोर्ट योजना अभी संसद की मंजूरी का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, इस पर मतदान 2026 की शुरुआत में होने की उम्मीद है. मंजूरी मिलने के बाद ही इस योजना को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा.
बोत्सवाना आम तौर पर अपनी हीरे की खदानों, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव सफारी के लिए जाना जाता है. आर्टन कैपिटल के पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, बोत्सवाना का पासपोर्ट अफ्रीका में चौथा सबसे मजबूत पासपोर्ट माना जाता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोत्सवाना सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में करीब 5,000 लोगों को इस योजना के तहत नागरिकता देना है. इससे सरकार को लगभग 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,100 करोड़ रुपये) की राशि जुटाने की उम्मीद है.
हाल के सालों में कई देशों ने इसी तरह की योजनाएं शुरू की हैं या प्रस्तावित की हैं, जिनमें निवेश के बदले नागरिकता या निवास की सुविधा दी जाती है. इसी तरह अमेरिका में भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' नाम की एक योजना का प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत 10 लाख डॉलर का भुगतान करने वाले निवेशकों को अमेरिका में निवास और नागरिकता मिलने की राह आसान हो सकती है.
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