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नॉर्वे में अमेरिकी दूतावास के बाहर ब्लास्ट किसने किया?

जब ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला हुआ, तब नॉर्वे ने भी प्रतिक्रिया दी थी. नॉर्वे ने कहा था कि वो वेस्ट एशिया में बढ़ते झगड़े को लेकर बहुत परेशान है, खासकर ईरान और उसके पड़ोसियों से जुड़े हमलों को लेकर. और उसने संयम और डिप्लोमैटिक हल निकालने की अपील की.

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नॉर्वे स्थित अमेरिकी दूतावास (PHOTO- US Embassy Norway)

अमेरिका-ईरान की जंग के बीच नॉर्वे से एक खबर आई है. यहां राजधानी ओस्लो में मौजूद अमेरिकी दूतावास के बाहर एक धमाका हुआ है. धमाके में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. नॉर्वे के समय के मुताबिक, ये धमाका रात के 1 बजे हुआ. उस समय भारत में सुबह के साढ़े पांच बज रहे थे. चश्मदीदों के मुताबिक धमाके के बाद मौके पर बहुत अधिक धुआं उठता हुआ देखा गया. ओस्लो पुलिस के प्रवक्ता मिकेल डेलेमीर ने पब्लिक ब्रॉडकास्टर NRK को बताया कि उन्हें अमेरिकी दूतावास में धमाके की खबर मिली थी. 

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उन्होंने बताया कि यह धमाका कॉन्सुलर सेक्शन के एंट्रेंस पर हुआ. ओस्लो पुलिस डिपार्टमेंट ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि धमाका कैसे हुआ या इसके लिए कौन जिम्मेदार था. डिपार्टमेंट ने एक अलग बयान में कहा, 

“पुलिस एंबेसी से बातचीत कर रही है. फिलहाल इस घटना में और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.”

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एंबेसी ने नॉर्मल बिजनेस घंटों के अलावा इस पर बयान के लिए रॉयटर्स की रिक्वेस्ट का तुरंत जवाब नहीं दिया. न ही अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई बयान दिया. अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं. 

ओस्लो में धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में US मिशन को निशाना बनाया है. हालांकि, ओस्लो की घटना मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में अमेरिकी हमलों को लेकर नाराजगी भी है. इसलिए इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

ईरान पर नॉर्वे की प्रतिक्रिया

जब ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला हुआ, तब नॉर्वे ने भी प्रतिक्रिया दी थी. नॉर्वे ने कहा था कि वो वेस्ट एशिया में बढ़ते झगड़े को लेकर बहुत परेशान है. खासकर ईरान और उसके पड़ोसियों से जुड़े हमलों को लेकर. नॉर्वे ने संयम और डिप्लोमैटिक हल निकालने की अपील की. प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने ईरान की अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा की बुराई की. इंटरनेशनल बैन का सपोर्ट किया और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चिंता जताई. नॉर्वे ने अमेरिकी हमलों को भी बुरा बताया और कहा कि ये इंटरनेशनल कानून के हिसाब से नहीं हैं और इनसे एक बड़े युद्ध का खतरा है. 

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