आने वाले दिनों में बीजेपी के नई नवेली दिखने की संभावना है. बीजेपी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इसकी शुरुआत नए नियुक्त बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष चुने जाने से होगी. यह प्रक्रिया जनवरी के मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है.
नितिन नबीन मकर संक्रांति के बाद बीजेपी में कुछ बड़ा करने वाले हैं?
बीजेपी अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद नितिन नबीन संगठन में बड़े बदलाव कर सकते हैं और नई टीम बनने की संभावना जताई जा रही है.


45 साल के नितिन नबीन जनवरी 2020 से राष्ट्रीय पद संभाल रहे जेपी नड्डा की जगह लेंगे. तय प्रक्रिया के तहत पहले उनके अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होंगे, जिसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद से उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिलेगी. इस परिषद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता शामिल होते हैं. इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस पर औपचारिक मुहर लगेगी.
इंडियन एक्सप्रेस के जतिन आनंद की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद नितिन नबीन संगठन में बड़े बदलाव कर सकते हैं और नई टीम बनने की संभावना जताई जा रही है. रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि यह बदलाव “समावेशी” होंगे और बीजेपी तथा संघ परिवार के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय को दर्शाएंगे. एक पार्टी नेता के अनुसार, नए अध्यक्ष की टीम इस तरह बनाई जाएगी कि संगठन और विचारधारा दोनों स्तरों पर बेहतर तालमेल बन सकें.
संगठन में इस बड़े बदलाव का असर केंद्र सरकार पर भी पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक इसके चलते केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल हो सकता है, क्योंकि जून 2024 में सरकार बनने के बाद से अब तक मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं हुआ है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है और जल्द ही कैबिनेट में बदलाव की संभावना है. इसमें युवा और दूसरी पंक्ति के नेताओं को मौका मिल सकता है. इसके अलावा जाट समुदाय को भी अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार चल रहा है, क्योंकि सरकार और संगठन दोनों में उनकी भागीदारी कम मानी जा रही है.
संघ से बढ़ेगा समन्वय
नितिन नबीन पहले ही बीजेपी और उसके वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच बेहतर संबंध और समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम शुरू कर चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी और RSS मिलकर पार्टी शासित राज्यों के कामकाज की समीक्षा करेंगे और संगठन, सरकार या अर्ध-सरकारी संस्थाओं में कई नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे. इसमें विभिन्न आयोगों और संस्थानों के पद भी शामिल होंगे. इससे कई वरिष्ठ राज्य स्तरीय बीजेपी नेताओं को केंद्र में संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं मिलने का रास्ता साफ हो सकता है, खासकर उन नेताओं को जो लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े रहे हैं.
पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार सहित उन राज्यों के नेताओं पर भी नजर है, जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं, जैसे पश्चिम बंगाल, असम, केरल और उत्तर प्रदेश. रिपोर्ट के अनुसार, हाल की समन्वय बैठकों में RSS ने यह बात जोर देकर कही है कि ऐसे नेताओं की पहचान की जाए, जो पिछले तीन से चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हैं लेकिन अब तक संगठन, सरकार या किसी सार्वजनिक संस्था में उचित भूमिका नहीं पा सके हैं. नितिन नबीन उन वरिष्ठ नेताओं के समूह में शामिल हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर अहम नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद और फरवरी की शुरुआत में शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले की जा सकती हैं.
वीडियो: नेतानगरी: नितिन नबीन को ही BJP का कार्यकारी अध्यक्ष क्यों बनाया गया? अंदर की कहानी पता चली












.webp?width=275)
.webp?width=275)



.webp?width=120)

.webp?width=120)

