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एक दिन पहले सिविल सर्विस छोड़ने वाले अरविंद शर्मा को BJP ने MLC चुनाव का टिकट दे दिया है

जानिए और कौन-कौन से नाम हैं बीजेपी की लिस्ट में.

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12 विधान परिषद सदस्य सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए बीजेपी ने 4 प्रत्याशियों का एलान कर दिया है.
उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव के लिए बीजेपी ने 15 जनवरी को चार प्रत्याशियों के नाम की लिस्ट जारी कर दी. बीजेपी ने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, पूर्व IAS अरविंद शर्मा और काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे लक्ष्मण आचार्य को प्रत्याशी बनाया है. अरविंद शर्मा 14 जनवरी को ही बीजेपी में शामिल हुए हैं. बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन नामों को हरी झंडी दी है. 28 जनवरी को मतदान राज्य की 12 विधान परिषद सीटों के लिए 28 जनवरी को मतदान होना है. नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 18 जनवरी है. जिन 12 सीटों पर चुनाव होने हैं उसके मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 30 जनवरी को पूरा हो रहा है. जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें स्वतंत्र देव सिंह, दिनेश शर्मा और लक्ष्मण आचार्य के अलावा विधान परिषद के सभापति रमेश यादव (समाजवादी पार्टी) प्रमुख हैं. 100-सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा के 55, भाजपा के 25, बहुजन समाज पार्टी के आठ, कांग्रेस और ‘निर्दलीय समूह’ के दो-दो और अपना दल (सोनेलाल) और ‘शिक्षक दल’ के एक-एक सदस्य हैं. इनके अलावा विधान परिषद में तीन निर्दलीय सदस्य भी हैं. क्या है सीटों का गणित उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यों वाली विधानसभा में वर्तमान में 402 सदस्य हैं. इनमें भाजपा के 310, सपा के 49, बसपा के 18, अपना दल (सोनेलाल) के नौ, कांग्रेस के सात, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चार, निर्दलीय तीन, राष्ट्रीय लोकदल का एक, निर्बल इंडियन शोषित हमारा अपना दल (निषाद) का एक सदस्य हैं. भाजपा के साथ अपना दल (सोनेलाल) का गठबंधन है. MLC के इस चुनाव में संख्याबल के हिसाब से बीजेपी 10 सीटों पर आसानी से चुनाव जीत सकती है. वहीं सपा एक सीट पर आसानी से चुनाव जीत सकती है, लेकिन सपा ने दो उम्मीदवार उतारे हैं. एक सीट को जिताने के लिए 31 विधायकों की जरूरत पड़ेगी. वर्तमान में सपा के पास 49 विधायक हैं. 31 वोट के बाद 18 विधायक ही बचते हैं. सियासी जानकारों का मानना है कि विपक्षी दल के विधायक सपा की मदद कर सकते हैं. सपा के इन प्रत्याशियों ने नामांकन भरा वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अहमद हसन और राजेंद्र चौधरी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे. अहमद हसन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं. मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. सपा में मुस्लिम समुदाय का OBC चेहरा माने जाते हैं. राजेंद्र चौधरी करीब 40 साल से मुलायम सिंह यादव के साथ हैं. लोकदल का बंटवारा हुआ तो ज्यादातर जाट नेता अजित सिंह के साथ चले गए, लेकिन राजेंद्र चौधरी ने मुलायम सिंह यादव का साथ नहीं छोड़ा. 2012 में जब अखिलेश यादव सूबे के सीएम बने, तो भी राजेंद्र चौधरी उनके साथ साए की तरह दिखते रहे. लंबे वक्त तक राजेंद्र चौधरी ने सपा के प्रवक्ता के तौर पर काम किया.

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