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खिलाड़ियों को नहीं मिला इनाम, तो BJP सांसद को स्टेडियम में बंद कर दिया!

घटना यूपी के शाहजहांपुर की है

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बाएं से दाएं. BJP MP Arun Sagar और प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को शांत कराती शाहजहांपुर पुलिस.
उत्तर प्रदेश का शाहजहांपुर जिला. यहां के बीजेपी सांसद अरुण सागर को कुछ खिलाड़ियों ने कथित तौर पर एक स्टेडियम में बंद कर दिया. ये खिलाड़ी स्टेडियम में चल रही 'सांसद खेल स्पर्धा' में भाग लेने आए थे. उनका आरोप है कि ना तो उन्हें ढंग का खाना मिला और ना ही खेल प्रतियोगिता जीतने पर इनाम मिला. इसे लेकर खिलाड़ियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया. क्या है पूरा मामला? न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन 21 नवंबर को हुआ था. खिलाड़ियों के मुताबिक, इसमें 11 हजार से लेकर 51 हजार रुपये तक के इनाम देने की घोषणा की गई थी. बीते 25 नवंबर को इस खेल प्रतियोगिता का आखिरी दिन था. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतियोगिता के आखिरी दिन सांसद अरुण सागर स्टेडियम आए थे. उनके आते ही खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. यही नहीं, खिलाड़ियों ने स्टेडियम का मेन गेट भी बाहर से बंद कर दिया. इससे सांसद अरुण सागर स्टेडियम के अंदर फंस गए. बाद में पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला. इस बीच नाराज खिलाड़ियों ने स्टेडियम के बाहर लगे सांसद अरुण सागर की होर्डिंग और बैनर भी फाड़ दिए. शाहजहांपुर के ASP संजय कुमार ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्टेडियम में हंगामा हो रहा है. जिसके बाद पुलिस टीम को भेजा गया. कुमार के मुताबिक, टीम ने प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को समझाया बुझाया और फिर सांसद अरुण सागर को बाहर निकाला. सांसद ने घटना को लेकर क्या कहा? वहीं सांसद अरुण सागर ने इस पूरे घटनाक्रम को छोटी-मोटी घटना के तौर पर पेश करने की कोशिश की. उन्होंने इसे अपने विरोधियों की साजिश बताया. स्थानीय मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा,
"विरोधी पार्टी के कुछ असामाजिक तत्वों ने पराजित हुए खिलाड़ियों को भड़का दिया था. खेल स्पर्धा की सफलता के चलते बौखलाए विरोधी लोगों ने हमें बदनाम करने के लिए साजिश रची थी. वहां पर तैनात पुलिस ने स्टेडियम का मेन गेट बंद कर दिया, जिससे असामाजिक तत्व अंदर आकर खिलाड़ियों को न भड़का सकें. पराजित हुए खिलाड़ियों का कहना था कि उन्हें भी पुरस्कार और नकद धनराशि दी जाए. निर्णायक मंडल ने विजयी खिलाड़ियों एवं टीमों की सूची के आधार पर उन्हें पुरस्कार दिए. खिलाड़ियों से बातचीत की गई और उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया."

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