साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि हम फ़िल्म की पहले स्क्रिप्ट पढ़ेंगे फिर उसे बनाने की परमीशन देंगे.
2019 का लोकसभा चुनाव. प्रचार के दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था. इस पर पीएम मोदी ने कहा था कि वो प्रज्ञा को दिल से माफ नहीं कर पाएंगे. इसके बाद प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से सांसद बनीं और वक्त के साथ ये बात आई गई हो गई. लेकिन अब प्रज्ञा ठाकुर ने फिर से दिल से माफी न मिल पाने वाली बात कह दी है. भोपाल सांसद ने एक बार फिर नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता दिया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गोडसे को देश का पहला आतंकवादी बताया था. इसी के जवाब में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा,
"कांग्रेस हमेशा से देशभक्तों के साथ दुर्व्यवहार करती रही है. कांग्रेस पार्टी ने इसे भगवा आतंक तक कह दिया था, इससे ज्यादा निकृष्टता क्या होगी."
गोडसे पर फिर बवाल क्यों हो रहा है
असल में गोडसे पर नया बवाल ग्वालियर में खुली एक ज्ञानशाला की वजह से शुरू हुआ है. ग्वालियर के दौलतगंज इलाके में हिंदू महासभा का दफ्तर है. यहीं पर गोडसे के नाम पर ज्ञानशाला शुरू की गई थी. उद्घाटन के वक्त यहां गोडसे की पूजा भी की गई थी. इस वाकये के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया था,
महामना मदन मोहन मालवीय जी महात्मा गांधी के अनुयायी और साथी रहे, जिन्होंने हिंदू महासभा स्थापित की थी. मालवीय जी अखिल भारतीय कांग्रेस के 3 बार अध्यक्ष रहे. आज उस हिंदू महासभा के लोग महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महामंडित कर रहे हैं!! शर्म करो. इसके पीछे किसका छुपा हुआ हाथ है?
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद ग्वालियर जिला प्रशासन ने गोडसे ज्ञानशाला को बंद कराया था. प्रशासन ने महासभा के पदाधिकारियों को समझाकर इलाके में धारा 144 लगा दी, ताकि किसी भी प्रकार से शांति भंग न हो. हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर ने इस पर कहा था कि सभी राष्ट्र भक्त पूरे देश में अपने अपने तरीके से काम करते हैं. इसको लेकर किसी भी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए.