मदन दिलावर. राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और विधायक हैं. उनका कहना है कि किसान आंदोलन में चिकन बिरयानी खाकर बर्ड फ्लू फैलाने का षडयंत्र किया जा रहा है. दिलावर ने कहा कि केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से आंदोलनकारियों को एकत्रित होने से रोके, ताकि देशवासियों को बर्ड फ्लू के प्रकोप से बचाया जा सके. और क्या कहा नेताजी ने? बीजेपी के नेता मदन दिलावर ने कहा,
कुछ तथाकथित किसान आंदोलित हैं. किस बात के लिए आंदोलित है जब किसानों के हित में बिल लाया गया. उन तीनों बिल को निरस्त किया जाए ताकि किसानों को लाभ न मिले और इन लोगों के सामने हाथ जोड़कर खाली पेट किसान रोता रहे. इन तथाकथित किसानों को देश की चिंता नहीं है. देश के लोगों की चिंता भी नहीं है. क्योंकि ये तो आंदोलन क्या पिकनिक मना रहे हैं. वहां चिकन बिरयानी खा रहे हैं. काजू-बादाम खा रहे हैं, सब प्रकार के ऐशो आराम कर रहे हैं. और भेष बदल-बदल कर वहां इस प्रकार से आ रहे हैं, इसमें आतंकवादी भी हो सकते हैं, चोर-लुटेरे भी हो सकते हैं जो किसानों के दुश्मन भी हो सकते हैं.
उन्होंने आगे कहा-
ये सब लोग देश को बर्बाद करना चाहते हैं. चिकन बिरयानी खाकर के, मैं समझता हूं ये बर्ड फ्लू फैलाने का षड़यंत्र है. अब ये पूरी आशंका है कि कुछ दिनों तक सरकार इसको चाहे निवेदन करके चाहे शक्ति से, नहीं हटाया तो देश में बर्ड फ्लू का प्रकोप बड़ा रूप धारण कर सकता है. इसलिए मेरी प्रार्थना है कि इन आंदोलनकारियों को एकत्र होने से रोकें. सड़कें रोककर बैठे हैं, लोगों को परेशान कर रहे हैं. उनको प्रेम से अनुनय विनय से मान जाएं तो ठीक नहीं तो सख्ती बरतें जिससे देशवासियों को बर्ड फ्लू के प्रकोप से बचाया जा सके.
इस वीडियो के शेयर करते हुए राजस्थान कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने लिखा,
भाजपा, राजस्थान के विधायक मदन दिलावर जी का किसानों के लिए आतंकवादी, लुटेरे जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना शर्मनाक है. जिस अन्नदाता ने आपके पेट में अन्न पहुंचाया उनके आंदोलन को आप पिकनिक बता रहे हैं, बर्ड फ्लू के लिए ज़िम्मेदार बता रहे हैं ? आपका यह बयान भाजपा की सोच दर्शाता है.
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे किसान 40 दिनों से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे हैं. सरकार और किसान नेताओं के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है. बातचीत के लिए अगली तारीख 15 जनवरी तय हुई है. हालांकि किसान नेताओं को नहीं लगता कि इस बातचीत से कोई हल निकलेगा. वो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बड़ी ट्रैक्टर रैली की तैयारी में जुटे हैं.