The Lallantop

बिहार के MLC ने नीतीश कुमार की नकल कर ऐसी बात कह दी कि बर्खास्त ही हो गए!

बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसकी औपचारिक घोषणा की. जब घोषणा की गई, तो सुनील सिंह ने अपनी बातों को सदन में रखने की कोशिश की. मगर सभापति ने उनकी सुनी नहीं.

Advertisement
post-main-image
पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के क़रीबी माने जाते हैं. (फ़ोटो - सोशल)

राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य सचेतक MLC सुनील सिंह की सदस्यता रद्द कर दी गई है. दरअसल, उन्होंने फरवरी 2024 में हुए बजट सेशन के दौरान नीतीश कुमार की मिमिक्री की थी. उन पर निजी टिप्पणी की थी. इसके लिए बिहार विधान परिषद की अनुशासन समिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें निष्कासित कर दिया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसकी औपचारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि MLC सुनील सिंह अब विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं. जब घोषणा की गई, तो सुनील सिंह ने अपनी बातों को सदन में रखने की कोशिश की. मगर सभापति ने उनकी सुनी नहीं. 

समिति ने एक और राजद MLC कारी शोएब के खिलाफ भी कार्रवाई की है, और उन्हें अगले सत्र में दो दिनों के लिए निलंबित किया गया है.

Advertisement
ऐसा क्या बोल दिया था?

13 फरवरी, 2024. सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धन्यवाद प्रस्ताव देने आए थे. इसी दौरान सुनील सिंह ने उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की. कथित तौर पर सुनील सिंह ने मुख्यमंत्री की नकल की थी, मज़ाक उड़ाया था.

जनता दल यूनाइटेड के MLC भीष्म सहनी ने आचार समिति में शिकायत की. दोनों सदस्यों के खिलाफ. इसके बाद विधान परिषद की आचार समिति को जांच सौंपी गई. जदयू के वरिष्ठ सदस्य और मौजूदा उप-सभापति डॉ रामवचन राय की अध्यक्षता वाली समिति ने रिपोर्ट तैयार की.

Advertisement

ये भी पढ़ें - बजट में बिहार को मिले 58,900 करोड़ रुपये, क्या बदल जाएगी बिहार की सूरत?

मीडिया रपटों के मुताबिक, कारी शोएब ने समिति के सामने अपनी गलती स्वीकार की. मगर सुनील कुमार सिंह ने नहीं. इसके बाद समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट सभापति को भेज दी. रिपोर्ट में सुनील कुमार सिंह को गलत आचरण का दोषी पाया गया था. हालांकि, इसे सार्वजनिक नहीं किया गया.

घोषणा के बाद सदन में तो सुनील सिंह की बात नहीं सुनी गई, लेकिन बाहर आकर उन्होंने मीडिया के कैमरों पर कहा,

ये दिन हमारे लोकतंत्र में काले दिन के रूप में जाना जाएगा. आज से पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया कि आचार समिति ने फर्जी मामला बनाकर विधान परिषद के किसी सदस्य को निष्कासित कर दिया हो. ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है.

सुनील कुमार सिंह को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का क़रीबी माना जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके रिश्ते खट्टे रहे हैं. उन्होंने इससे पहले भी नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया हुआ है.

वीडियो: बिहार में नदी में पुल बहने का कारण भ्रष्टाचार? आख़िर कौन है इसके पीछे ज़िम्मेदार?

Advertisement