बिहार के एक सीनियर IAS अधिकारी हैं केके पाठक. उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो सरकारी मीटिंग के दौरान ही दूसरे अधिकारियों को गाली देते दिख रहे हैं. गालियां लिखी नहीं जा सकती. या हम उस वीडियो को यहां नहीं दिखा सकते. अगर ऐसा हो पाता तो IAS के गाली देने की काबिलियत पहचान पाते. खैर! सिर्फ अधिकारियों को ही नहीं वे बिहार के लोगों के बारे में भी बुरा भला कह रहे हैं. उन्होंने वीडियो में क्या बोला, उसमें गालियों को छानकर यहां आगे बता रहा हूं.
बिहार के गालीबाज IAS का वीडियो वायरल, डिप्टी कलेक्टर के साथ बिहारियों को जमकर कोसा
बिहार के एक्साइज मंत्री ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी.


वायरल वीडियो में केके पाठक अधिकारियों के साथ मीटिंग में बैठे हैं. इसी दौरान वे गाली देते हुए मां-बहन जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं. पाठक कहते हैं,
“यहां के लोग ही ऐसे हैं. चेन्नई में लोग बाईं तरफ चलते हैं और लाल बत्ती पर हॉर्न नहीं बजाते. यहां किसी को देखे हो ऐसा करते? यहां लोग ट्रैफिक पर खड़े होकर हॉर्न बजाते हैं. यहां डिप्टी कलेक्टर का यही हाल है. अब मैं सबकी बैंड बजाता हूं. इनकी ऐसी तैसी करता हूं.”
केके पाठक मद्य निषेध विभाग (शराबबंदी को लेकर बनाए गया विभाग) के प्रधान सचिव हैं. जो वीडियो वायरल हो रहा है वो इसी विभाग के भीतर हो रही बैठक का है. केके पाठक बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) के डीजी भी हैं. इस वीडियो में वे बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (BASA) के खिलाफ भी बोलते दिख रहे हैं. हालांकि ये वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
कार्रवाई की जाएगी- मंत्रीवीडियो वायरल होने के बाद BASA ने केके पाठक के बयान की निंदा की है. संगठन ने सरकार से केके पाठक को बर्खास्त करने की मांग की है. संगठन के महासचिव सुनील तिवारी ने कहा कि अगर राज्य सरकार एक्शन नहीं लेगी तो BASA आंदोलन करेगा.
बिहार के एक्साइज मंत्री सुनील कुमार ने मीडिया से कहा कि उन्होंने वीडियो को देखा है. उनके खिलाफ जो भी जरूरी कार्रवाई होगी वो की जाएगी.
केके पाठक 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में भी काम कर चुके हैं. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में एक ठेका कंपनी के मालिक ने उनके ऊपर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. तब वे लघु सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव थे. कंपनी के मालिक ने आरोप लगाया था कि केके पाठक ने उनकी लाठी से पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी.
साल 2018 में पटना हाई कोर्ट ने केके पाठक पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. ये मामला SBI के ब्रांच मैनेजर्स के खिलाफ कार्रवाई का था. उन्होंने स्टांप ड्यूटी देर से जमा करने पर SBI के सात ब्रांच मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश निकाला था. मामला हाई कोर्ट में पहुंचा. बैंक मैनेजर्स ने केके पाठक पर मनमानी का आरोप लगाया. बाद में कोर्ट ने भी कार्रवाई में मनमानी के आरोपों को सही माना और उन पर जुर्माना लगा दिया.
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