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बिहार: आरती को फोन पर हुआ छोटू से प्रेम, युवक की हत्या हो गई, फिर लड़की के फैसले ने दंग कर दिया

बिहार के अररिया जिले में प्रेम संबंध के चलते एक युवक की हत्या का मामला चर्चा में बना हुआ है.

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आरती (बाएं) और छोटू यादव (दाएं) | फाइल फोटो: ट्विटर

बिहार (Bihar) के अररिया जिले में प्रेम संबंध के चलते एक युवक की हत्या का मामला चर्चा में बना हुआ है. लड़के की हत्या का आरोप लड़की के परिवार पर है. कहा जा रहा है कि उन्होंने लड़के को धोखे से बुलाकर मार डाला. वारदात को लेकर हैरानी इसलिए जताई जा रही है, क्योंकि लड़की मृतक युवक से दो साल से मिली भी नहीं थी और अब वह कथित रूप से उसकी विधवा बनकर उसी के घर में रह रही है. क्राइम तक की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की का कहना है कि लड़के का घर ही उसका ससुराल है. उसका दावा है कि मृतक के मां-बाप अब उसे (यानी लड़की को) अपना बेटा मानते हैं.

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क्या है मामला?

अररिया के रानीगंज थाना क्षेत्र में दो गांव हैं, बड़ौवा और रहरिया. दोनों युवक-युवती के गांवों के बीच 35 किलोमीटर की दूरी है. बड़ौवा के धीरेंद्र यादव की 19 साल की बेटी आरती और रहरिया गांव के छोटू यादव (22) के बीच काफी समय से फोन पर बातचीत होती थी. बताते हैं कि आरती का भाई छोटू से परिचित था जिस वजह से आरती और छोटू के बीच भी बातचीत शुरू हो गई. खबर के मुताबिक धीरे-धीरे दोनों में प्यार हुआ और बात शादी तक पहुंच गई. दिलचस्प बात ये कि ये सब फोन पर ही हुआ. आरती कभी छोटू से मिली नहीं.

धोखे से बुलाया और मार डाला

आरती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसके परिवार वालों को दोनों के संबंध की बात पता चल गई थी. पहले घरवालों ने इसका काफी विरोध किया, फिर बीती 5 जुलाई को कहा कि दोनों की शादी करा देंगे, लेकिन पहले छोटू को बात करने के लिए घर बुलाओ. इस पर आरती ने छोटू को फोन करके घर बुला लिया. जब छोटू आरती के घर पहुंचा तो यहां पर छोटू के भाई ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया. आरोप है कि इसके बाद आरती का भाई, पिता और जीजा उसे पीटने लगे. इस दौरान आरती को घरवालों ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया.

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(लल्लनटॉप को और करीब से जानें)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी बीच किसी तरह आरती ने छोटू की बहन को फोन कर पूरी घटना बता दी. अगले दिन सुबह छोटू के गांव के काफी लोग आरती के गांव में जाकर उसके घर के बाहर इकट्ठा हो गए. इतनी भीड़ देखकर आरती के घरवाले घबरा गए. इस बीच गुस्साए गांव वाले दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए. उन्हें देखकर आरती के घरवाले घर के पिछवाड़े से निकलकर भाग गए.

बिहार की जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव आरती और छोटू की मां के साथ | फोटो : पप्पू यादव/फेसबुक  
छोटू के नाखून तक उखाड़ लिए

क्राइम तक की रिपोर्ट के मुताबिक हंगामे के दौरान वहां मौजूद रहे कुछ लोगों ने बताया कि आरती के घरवालों ने छोटू के नाखून तक उखाड़ लिए थे. उसके हाथ-पैर टूटे हुए थे. और जिस्म पर जलने के काले निशान थे. रिपोर्ट के मुताबिक वहां फर्श पर एक बिजली का नंगा तार भी नजर आया. इसके बाद छोटू को उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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इस दौरान आरती छोटू के शव के पीछे-पीछे अस्पताल पहुंच गई. उसने लोगों को बताया कि उसके भाई, पिता और जीजा ने छोटू की हत्या की है. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि आरती का जीजा फरार है.

आरती का वो फैसला जिसने लोगों का हैरान कर दिया

आजतक से जुड़े शम्स ताहिर खान के मुताबिक छोटू का पोस्टमार्टम होने के बाद जब उसके शव को उसके पिता अपने गांव ले जाने लगे तो आरती ने छोटू के अंतिम संस्कार में जाने की बात कही और उनके साथ ही चल दी. यहां तक कि उसने छोटू के साथ चिता में जलने की भी जिद ठान ली. बड़ी मुश्किल से लोगों ने आरती को समझाया. 

छोटू के अंतिम संस्कार के बाद आरती ने एक बड़ा फैसला लिया. उसने कहा कि वो अब उस घर में कभी नहीं जाएगी, जहां उसके घरवालों ने छोटू को मार डाला. अब वह ताउम्र उसकी 'विधवा' बनकर रहेगी. छोटू के पिता उमेश यादव ने भी सारे गांव के सामने आरती को अपने घर में रखने की बात कही. उसके बाद छोटू के पिता आरती को लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम में गए वहां उसका इलाज करवाया. और इलाज करवाने के बाद उमेश आरती को अपने घर ले आए.

वीडियो देखें: युवक के पिता ने लगाया पुलिस पर आरोप कहा, ‘पुलिस वालों ने केस से नूपुर शर्मा का नाम हटाने के लिए कहा था’

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