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लोग महाराष्ट्र देखते रहे, खेल बिहार में हो गया, AIMIM के 4 विधायक RJD में शामिल

इस सियासी उलटफेर के बाद बिहार में RJD सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

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AIMIM के विधायकों का अपनी पार्टी में स्वागत करते तेजस्वी यादव. (तस्वीर- आजतक)

लोग महाराष्ट्र के सियासी संकट पर नजरें गड़ाए बैठे थे और खेल हो गया बिहार में. खबर है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बिहार में बड़ा झटका लगा है. उसके चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए हैं. हैदराबाद से बाहर राजनीति में पैर पसारते असदुद्दीन ओवैसी के लिए ये बुरी खबर है. वहीं RJD के लिए खुशी की बात ये है कि इन 4 विधायकों के आने से वो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

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इस राजनीतिक उलटफेर के साथ ही बिहार में RJD के अब 80 विधायक हो गए हैं. साल 2020 में हुए विधानसभा चुनावों में RJD को 75 सीटें मिली थीं. 2022 में उपचुनाव हुए जिनमें एक सीट RJD के खाते में और आ गई. यानी तब सीटें हो गईं 76. और आज AIMIM के 4 विधायकों के साथ ये संख्या 80 हो गई है.

इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को RJD से एक कम 74 सीटें मिली थीं. इस चुनाव में VIP के 4 विधायक चुने गए थे. इनमें से तीन बीजेपी में शामिल हो गए थे, जबकि एक की मृत्यु हो गई थी. तब बीजेपी में के पास हो गए थे 77 विधायक. और वो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बन गई थी. लेकिन बुधवार 29 जून को RJD के सियासी दांव ने बीजेपी को पीछे छोड़ दिया है.

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अब तक बिहार में AIMIM के पांच विधायक थे. इनमें से बायसी से सैयद रुकनुद्दीन अहमद, जोकीहाट से शाहनवाज आलम, कोचाधामन से मोहम्मद इजहार असफी और बहादुरगंज से मोहम्मद अंजार ने अब RJD का दामन थाम लिया है. इसके साथ ही ओवैसी की पार्टी में अब सिर्फ एक विधायक बचा है जो कि अमौर सीट से अख्तरुल ईमान हैं. आजतक के सुजीत झा की खबर के मुताबिक AIMIM नेता अख्तरुल ईमान ने हाल ही में कहा था कि बिहार में एक छोटी पार्टी होने के नाते बड़ी पार्टियां 2020 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद से उनकी पार्टी के विधायकों से संपर्क कर रही हैं.

इस सियासी उलटफेर के बाद अगर बिहार विधानसभा की संपूर्ण स्थिति देखें तो बीजेपी के पास 77, सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के पास 45, जीतनराम मांझी की HAM पार्टी के चार और एक निर्दलीय मिलाकर NDA के पास 127 विधायक हैं. वहीं दूसरी ओर आरजेडी के गठबंधन में खुद आरजेडी के पास 80, CPI(ML) के 12, CPI(M) के 2 और CPI के पास एक विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पास 20 और ओवैसी की पार्टी AIMIM के पास अब 1 विधायक बचे हैं.

बताया जा रहा है कि बड़े ही गुपचुप तरीके से इन विधायकों को अपनी गाड़ी में बैठाकर और खुद ड्राइव करते हुए तेजस्वी यादव विधानसभा पहुंचे और विधायकों को सीधे अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के सामने पेश कर दिया. इसके बाद उनकी पार्टी के ट्विटर हैंडल से कहा गया कि धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय को बिहार में और ताकत मिली है. तेजस्वी यादव ने अपना लोहा मनवाया है.

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