The Lallantop

Bangladesh: हिंदुओं को शरण देने वाले मुसलमानों को भी निशाना बनाया गया, घर छोड़ना पड़ा

Bangladesh Crisis: एक अंडरग्राउंड नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और दूसरे विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को सुलगाया है. उन्होंने कहा कि Sheikh Hasina फिर से बांग्लादेश लौटेंगी. उन्होंने कहा कि उनके जैसे नेता चुप हैं क्योंकि उनकी जान को खतरा है. उनका परिवार भी सुरक्षित नहीं है.

Advertisement
post-main-image
बांग्लादेश में कई हिंदुओं को निशाना बनाया गया था. (तस्वीर: PTI)
author-image
आशुतोष मिश्रा

बांग्लादेश (Bangladesh) में हुए हिंसक प्रदर्शन में कई लोगों की जान गई. खबर आई कि कई पुलिस थाने जला दिए. कई मंदिरों पर भी हमला हुआ और बांग्लादेश के कई हिंदू अल्पसंख्यकों को भी निशाना बनाया गया. प्रदर्शनकारी वहां के प्रधानमंत्री आवास तक में घुस गए थे. इसके बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा. बांग्लादेश के लोग फिलहाल इन चुनौतियों का सामना कैसे कर रहे हैं? ये जानने के लिए इंडिया टुडे ग्रुप की टीम ग्राउंड पर पहुंची थी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय की तुलना में हिंसा पर नियंत्रण पा लिया गया है. ढाका के रहने वाले इस्लाम मोहम्मद ने बताया कि बांग्लादेश की पहचान बांग्ला बोलने वाले लोगों से है. यहां हिंदू और मुसलमान साथ मिलकर रहते हैं. लेकिन कुछ लोग यहां इस्लामिक देश जैसा माहौल बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए. 

ढाका में ही बिजनेस करने वाले नियाज ने कहा कि कुछ कट्टरपंथियों की वजह से बांग्लादेश की छवि खराब हुई है. उन्होंने आंदोलन की आड़ में हिंदुओं पर हमले किए. उन्होंने कहा कि बहुत सारे हिंदु उनके साथ रहते हैं. और इस मुश्किल समय में वो उनकी हिफाजत भी कर रहे हैं. नियाज ने कहा कि जिन लोगों ने हिंदुओं को नुकसान पहुंचाया वो उनके बीच के लोग नहीं हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें: म्यांमार छोड़ बांग्लादेश जा रहे थे रोहिंग्या मुसलमान, ड्रोन आया, बम गिराया, 200 से ज्यादा की मौत

राष्ट्रपति भवन से कुछ ही दूरी पर बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी का हेड ऑफिस है. 5 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने इस ऑफिस को भी निशाना बनाया था. पार्टी के समर्थक करीम उल हक ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की और लाखों का सामान लूट ले गए.

इस बीच बांग्लादेश की पुलिस के हेड क्वार्टर में पुलिस नहीं है. उसकी हिफाजत बांग्लादेश की सेना कर रही है. इस ऑफिस को भी निशाना बनाया गया था. 11 अगस्त को यहां कुछ पुलिसकर्मी प्रदर्शन करने आए थे. करीम नाम के एक पुलिसकर्मी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई का आदेश शेख हसीना सरकार और पुलिस के बड़े अधिकारियों ने दिया था. पुलिसवालों ने बस आदेश का पालन किया. लेकिन अब लोग पुलिवालों को खोज रहे हैं. ऐसे में अधिकतर पुलिसवाले अंडरग्राउंड हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर 200 से ज्यादा हमले, इस पर अंतिरम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस क्या बोले?

मुसलमानों को भी निशाना बनाया गया

इस दौरान कई मुस्लिम लोगों को भी निशाना बनाया गया जिन्होंने हिंदुओं को बचाने की कोशिश की थी. फेनी जिले के सैफुल इस्लाम पटवारी ने कई हिंदुओं को अपने घर में शरण दी थी. इसके बाद गांव के ही कुछ लोगों ने उनके घर में तोड़फोड़ की. इसके बाद सैफुल ने अपना गांव छोड़ दिया है और फिलहाल ढाका में रह रहे हैं. ऐसे कई और लोग भी हैं जिन्हें हिंदुओं को शरण देने के कारण अपना गांव छोड़ना पड़ा है.

अवामी लीग के एक अंडरग्राउंड नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और दूसरे विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को सुलगाया है. उन्होंने कहा कि शेख हसीना फिर से बांग्लादेश लौटेंगी. उन्होंने कहा कि उनके जैसे नेता चुप हैं क्योंकि उनकी जान को खतरा है. उनका परिवार भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति ठीक हो जाएगी.

वीडियो: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले पर अंतिरम सरकार का बयान

Advertisement