आजतक की खबर के मुताबिक, बीती 7 नवंबर को अविनाश ने एक फ़ेसबुक पोस्ट डाला था. इसमें क़रीब 8-9 अस्पतालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात कही गई थी. पोस्ट में अविनाश ने कैप्शन दिया था- खेला होबे, Game Starts...15-11-2021.
कैप्शन से संकेत जा रहा है कि फर्जी नर्सिंग होम्स के खिलाफ अविनाश 15 नवंबर 2021 को कोई बड़ा खुलासा करने जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या कर दी गई. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस पोस्ट के दो दिन बाद यानी 9 नवंबर को अविनाश को किडनैप कर लिया गया. इसके तीन दिन बाद यानी 12 नवंबर को संदिग्ध हालत में उनका अधजला शव मिला.
'खेला होबे' हुआ!
हालांकि पोस्ट में जिस खेला होबे की बात अविनाश ने की थी, वो हुआ. और 15 नवंबर को ही हुआ. खबर है कि अनन्या नर्सिंग होम और अनुराग हेल्थ केयर पर कार्रवाई की गई है. दोनों पर 50-50 हज़ार का जुर्माना लगाया गया है. अविनाश के बड़े भाई ने पुलिस में जो लिखित शिकायत दी है, उसमें इन दो नर्सिंग होम्स का भी जिक्र है. बता दें कि अनुराग हेल्थ केयर की नर्स पूर्णकला को पुलिस ने अविनाश की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है.
अविनाश के भाई द्वारा दी गई लिखित शिकायत.
कौन हैं अविनाश?
अविनाश का असली नाम बुद्धिनाथ झा है. वे बिहार के मधुबनी के युवा पत्रकार थे. लोग उन्हें अविनाश के नाम से ज्यादा जानते हैं. महज 24 वर्ष के अविनाश ने फर्जी नर्सिंग होम्स के खिलाफ जंग छेड़ रखी थी. आरोप है कि उनकी पत्रकारिता से घबराए फर्जी नर्सिंग होम्स चलाने वालों ने उनकी हत्या करवा दी. 12 नवंबर को मधुबनी के बेनीपट्टी इलाके में एक पेड़ के नीचे उनका अधजला शव बोरे में बंधा मिला. परिवारवालों ने थाने में उनकी मिसिंग कम्प्लेंट दर्ज करवाई थी. आरोप लगाया था कि बेनीपट्टी के स्थानीय अस्पताल माफिया ने अविनाश को किडनैप करवाया है. परिवार ने अविनाश की हत्या का आरोप अस्पताल संचालकों पर लगाया है.शनिवार 13 नवंबर को अविनाश का अंतिम संस्कार किया गया. उनकी मौत को लेकर पूरे बेनीपट्टी इलाके में आक्रोश का माहौल है. वहीं सोशल मीडिया पर भी पत्रकार की हत्या को लेकर गुस्सा है, लोग न्याय की मांग रह रहे हैं.












